रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य उत्पादों की देरी पर चिंता जताई, कहा- इससे क्षमता में कमी आएगी
हाल ही के एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के सैन्य उत्पादों में हो रही देरी पर चिंता जताई। यह बात उन्होंने तब कही जब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने वायुसेना को दो LCA मार्क-1 ट्रेनर विमान सौंपे।
उन्होंने भारतीय रक्षा कंपनियों से अपील की कि वे तय समय पर अपना काम पूरा करें। राजनाथ ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो देश को पुरानी तकनीक वाले हथियार मिल सकते हैं और लागत भी बढ़ जाएगी।
राजनाथ ने साफ शब्दों में कहा, "देरी से हमारी क्षमता में कमी आती है, क्योंकि देश की जरूरी रक्षा जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। इससे लागत भी बढ़ती है। जितनी ज्यादा देरी होगी, उतना अधिक खर्च आएगा। कई बार तो ऐसा होता है कि जब तक हमें किसी खास टेक्नोलॉजी पर आधारित उपकरण मिलते हैं, तब तक दुनिया में उससे भी बेहतर टेक्नोलॉजी आ चुकी होती है। जो चीज हमने बनवाई है, हो सकता है कि जब तक वह हमारे पास पहुंचे, तब तक पुरानी हो चुकी हो।"
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए समय पर डिलीवरी बहुत जरूरी है।
GE एयरोस्पेस की वजह से IAF के मार्क-1A विमानों की डिलीवरी में देरी
भारतीय वायुसेना (IAF) ने 180 LCA मार्क-1A फाइटर जेट्स का ऑर्डर दिया है, जिसकी कीमत 1.1 लाख करोड़ रुपये है। लेकिन इन विमानों की डिलीवरी में देरी हो रही है, क्योंकि GE एयरोस्पेस कंपनी से इंजन मिलने में दिक्कतें आ रही हैं।
अब HAL का लक्ष्य है कि इन विमानों की डिलीवरी 2026 के आखिर तक शुरू हो जाए और अगले 4 साल में यह काम पूरा हो जाए। हालांकि, एक अच्छी खबर भी है। HAL ने अभी-अभी दो LCA मार्क-1 ट्रेनर विमान, तीन HTT-40 ट्रेनर प्लेन और चार ध्रुव NG हेलीकॉप्टर सौंपे हैं।
राजनाथ ने इन तीनों प्लेटफॉर्म की डिलीवरी को एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि यह भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम है।