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करगिल दिवस पर राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को चेतावनी, बोले- दुस्साहस का करारा जवाब मिलेगा
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है

करगिल दिवस पर राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को चेतावनी, बोले- दुस्साहस का करारा जवाब मिलेगा

लेखन आबिद खान
Jul 26, 2026
01:28 pm

क्या है खबर?

करगिल विजय दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसके द्वारा किए गए हर दुस्साहस का जवाब उनकी कल्पना से परे होगा। लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में राजनाथ ने कहा कि भारत पाकिस्तान से बातचीत तभी करेगा, जब बात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को वापस लेने की होगी। उन्होंने करगिल में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

बयान

राजनाथ बोले- पाकिस्तान से केवल PoK पर बात होगी

राजनाथ ने कहा, "भारत की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है। पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होगी। अगर बातचीत होगी भी, तो सिर्फ PoK पर होगी, जो भारत का अभिन्न हिस्सा है और जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है। कैप्टन विक्रम बत्रा ने कहा था, 'ये दिल मांगे मोर'। यही हमारे सैनिकों का स्वभाव है। पूरी दुनिया को यह समझना चाहिए और हमारे पड़ोसी देशों को भी यह समझना चाहिए।"

पाकिस्तान

भारत डेटा सेंटर बना रहा, पाकिस्तान कट्टरपंथी केंद्र

राजनाथ ने कहा, "आज भारत इनोवेशन के रास्ते खोज रहा है तो पाकिस्तान घुसपैठ के रास्ते खोज रहा है। भारत जहाज डिजाइन कर रहा है तो पाकिस्तान आतंक डिजाइन में लगा हुआ है। भारत स्टार्टअप इकोसिस्टम खड़ा कर रहा है तो पाकिस्तान टेरर इकोसिस्टम खड़ा कर रहा है। भारत सेमीकंडक्टर बना रहा है तो पाकिस्तान सुसाइड बॉम्बर्स तैयार कर रहा है। पाकिस्तान हमारी समृद्धि के रास्ते में अड़ंगा अड़ाता है तो उसे करारा जवाब देने के लिए सेनाएं तैयार हैं।"

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बड़ी बातें

राजनाथ के संबोधन की बड़ी बातें

'ऑपरेशन सिंदूर' ने आतंकवाद का समर्थन करने या उसमें शामिल होने वालों के अंजाम को उजागर कर दिया है।

करगिल वॉर मेमोरियल में पूरा भारत दिखाई देता है। यहां शहीदों में देश के हर हिस्से के जवानों के नाम दर्ज हैं। इनमें मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च जाने वाले धर्मों के लोग शामिल हैं।

कारगिल युद्ध केवल भारत की सैन्य-कूटनीतिक जीत नहीं था, बल्कि वह ऐतिहासिक क्षण था जब दुनिया ने भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और वीरता को देखा।

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प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'करगिल विजय दिवस पर देश बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है। बेहद कठिन परिस्थितियों में भी उनका अदम्य साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। उनकी अटूट देशभक्ति और कर्तव्य-निष्ठा पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।'

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लिखा, 'मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धाओं को मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। देश, सदैव उनका ऋणी रहेगा।'

प्लस

करगिल युद्ध के बारे में जानि

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में कारगिल युद्ध हुआ था। दरअसल, पाकिस्तानी सैनिकों ने आतंकवादियों के वेश में भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर नियंत्रण रेखा (LOC) पर कब्जा कर लिया था।

10 मई को भारतीय सेना को घुसपैठ का पता लगा और 26 मई को भारत ने 'ऑपरेशन विजय' शुरू कर करीब 3 महीने बाद विजय प्राप्त की थी। इसी मौके पर भारत हर साल 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस मनाता है।

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