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राजनाथ सिंह बोले- हो सकता है कि भारत अमेरिका-ईरान युद्धविराम में भूमिका निभाए और सफल हो
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी के दौरे पर भारतीय समुदाय को संबोधित किया

राजनाथ सिंह बोले- हो सकता है कि भारत अमेरिका-ईरान युद्धविराम में भूमिका निभाए और सफल हो

लेखन गजेंद्र
Apr 22, 2026
04:14 pm

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसको लेकर भारत में काफी सवाल उठ रहे हैं। इसी से जुड़ा एक सवाल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से जर्मनी के बर्लिन दौरे पर पूछा गया, तो उन्होंने संभावना जताई कि हो सकता है कि आगे भारत भी युद्ध रुकवाने में भूमिका निभाए और सफल भी हो। इस बयान के काफी राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

बयान

जर्मनी में क्या बोले राजनाथ?

राजनाथ से पूछा गया कि पश्चिम एशिया संकट में शांति कायम करने में भारत की कोई भूमिका है या नहीं? इसपर उन्होंने कहा, "भारत ने अपनी तरफ से कोशिश की, लेकिन हर चीज का सही समय होता है। हो सकता है कल ऐसा समय आए जब भारत इसमें अपनी भूमिका निभाए और सफल हो। हम संभावना से इनकार नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से शांति की अपील की है और कूटनीतिक मामलों में प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण संतुलित है।"

बयान

होर्मुज से भारत के जहाज निकलना बड़ी बात- राजनाथ

राजनाथ ने आगे कहा, "जब वे (प्रधानमंत्री मोदी) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति से मिले थे, तो इस पर चर्चा की थी। यहां तक की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी एक बार भेंट में इसका हल निकालने पर बात हुई थी।" राजनाथ ने आगे कहा, "आपने देखा ही होगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत अपने 7-8 जहाज़ों को निकालने में कामयाब रहा है। अमेरिका-ईरान भारत को अपना दुश्मन नहीं मानता है। यह भारत का संतुलित दृष्टिकोण है।"

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ट्विटर पोस्ट

राजनाथ सिंह का बयान

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सवाल

पाकिस्तान की मध्यस्थता से उठ रहे सवाल

राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब पाकिस्तान अमेरिका-ईरान के बीच समझौता कराने के लिए दूसरे दौर की वार्ता आयोजित करने जा रहा है। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस सवाल उठा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अच्छे रिश्ते बताते हैं, लेकिन मध्यस्थता का मौका पाकिस्तान को मिल रहा है। यह मुद्दा तब और गरमा गया, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को मध्यस्थता वाला 'दलाल' कहा था।

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