राजस्थान में भाजपा नेता के कंबल वितरण में भेदभाव से हिंदू पड़ोसी नाराज, ये कही बात
क्या है खबर?
राजस्थान के टोंक जिले में जरूरतमंदों को कंबल बांटते समय भाजपा के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया के भेदभाव से इलाके की हिंदू पड़ोसी नाराज हैं। करेदा बुजुर्ग सरपंच बीना देवी चौधरी के पति हनुमान चौधरी का कहना है कि जौनपुरिया की हरकतों को लेकर पूरे गांव में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि मुसलमानों से ज़्यादा हिंदू नाराज हैं और सभी ने मिलकर अगले दिन जौनपुरिया का पुतला जलाया था।
निंदा
सभी लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं- सरपंच के पति
चौधरी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "जौनपुरिया की हरकतें निंदनीय हैं। गांव में मुसलमानों की आबादी बहुत कम है, फिर भी यहां सद्भाव बना रहा है। ग्राम पंचायत की कुल आबादी में मुसलमान लगभग 3 प्रतिशत है। दिवाली, होली या ईद...हम सब मिलकर मनाते हैं। हम भेदभाव नहीं करते। जौनपुरिया ने यहां के भाईचारे को तोड़ने की कोशिश की है।" उन्होंने कहा कि गांव के अन्य छोटे सामुदायिक समूह चिंतित हैं कि आगे उनके साथ भी ऐसा हो सकता है।
बयान
पीड़ित शकूरन बानो बोलीं- नहीं पता था कि कंबल बांटेंगे
जौनपुरिया ने जिस मुस्लिम महिला के हाथ से कंबल छीना था, वह शकूरन बानो (66) हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें और अन्य लोगों को एक स्थानीय महिला ने बैठक में बुलाया था, उनके साथ 4 और मुस्लिम महिलाएं भी आई थीं। उन्होंने बताया, "हमें नहीं पता था कि कंबल बांटे जाएंगे, कंबल तो हमारे पहुंचने के बाद ही मिले। अगर वे कंबल न देते तो कोई बात नहीं, लेकिन बेइज्जती नहीं करनी चाहिए थी। बुरा तो बहुत लगा।"
विवाद
क्या है विवाद?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को अजमेर के दौरे पर आने वाले हैं। उसी से पहले जौनपुरिया गांव में जनसंपर्क कर रहे हैं। उन्होंने टोंक के करेदा बुजुर्ग गांव में 22 फरवरी को कंबल वितरण किया था। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में आईं 4 मुस्लिम महिलाओं को वहां से वापस जाने को कहा और एक महिला से कंबल छीन लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसके बाद पूर्व सांसद जौनपुरिया की आलोचना हो रही है।
ट्विटर पोस्ट
घटना का वीडियो कांग्रेस नेताओं ने साझा कर आलोचना की है
BJP और RSS की मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनाओं की व्याख्या में करुणा की बजाय नफरत झलकती है। एक गरीब, ज़रूरतमंद महिला को कंबल देने से वंचित करना और उसका अपमान करना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक… pic.twitter.com/UyerEGK3gz
— Sachin Pilot (@SachinPilot) February 23, 2026