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राफेल मरीन लड़ाकू विमान पहली बार INS विक्रांत पर उतरा, नौसेना में शामिल होने को तैयार
राफेल मरीन लड़ाकू विमान पहली बार INS विक्रांत पर उतरा

राफेल मरीन लड़ाकू विमान पहली बार INS विक्रांत पर उतरा, नौसेना में शामिल होने को तैयार

लेखन गजेंद्र
Oct 30, 2026
05:41 pm

क्या है खबर?

राफेल मरीन लड़ाकू विमान शुक्रवार को पहली बार INS विक्रांत पर सफलतापूर्वक उतरा। इसकी वीडियो भारतीय नौसेना ने जारी की है। नौसेना ने एक्स पर लिखा, 'राफेल मरीन विमान ने भारतीय नौसेना के स्वदेशी विमान वाहक पोत INS विक्रांत पर अपनी पहली ही कोशिश में सफलतापूर्वक लैंडिंग की। परीक्षण नौसेना में विमान को परिचालन में लाने की दिशा में पहला कदम हैं।' इससे पहले, राफेल ने गोवा में INS हंसा पर मौजूद शोर-बेस्ड टेस्ट फैसिलिटी (SBTF) पर परीक्षण किया था।

अलग

INS विक्रांत के लिए अनुकूल है राफेल

फ्रांस का चार्ल्स डी-गॉल कैटापुल्ट विमानवाहक पोत असिस्टेड टेक-ऑफ सिस्टम का इस्तेमाल करता है, वहीं INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य शॉर्ट टेक-ऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी (STOBAR) सिस्टम उपयोग करते हैं।

यानी एयरक्राफ्ट कैरियर से कैटापुल्ट-असिस्टेड लॉन्चिंग के लिए डिज़ाइन किया गया राफेल मरीन को साबित करना होगा कि वह भारत के स्की-जंप कैरियर की रुकावटों के तहत सुरक्षित ऑपरेट कर सकता है।

परीक्षण से पता लगेगा कि नौसेना में शामिल होने से पहले विमान जहाज से सुरक्षित संचालित हो सके।

खरीद

भारत ने 63,000 करोड़ रुपये में किया था सौदा

भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भारत सरकार ने 28 अप्रैल, 2025 को फ्रांस के साथ लगभग 63,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था।

इस सौदे में 22 एकल-सीट और चार डबल-सीट वेरिएंट के साथ-साथ हथियार, सिमुलेटर, ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।

ये एयरक्राफ्ट INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य से ऑपरेट होंगे, जिससे नौसेना की कैरियर-बेस्ड कॉम्बैट एविएशन कैपेबिलिटीज़ को मज़बूती मिलेगी।

विमानों के 2028 के आसपास सेवा में आने की उम्मीद है।

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ट्विटर पोस्ट

राफेल मरीन की सफल लैंडिंग

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