पंजाब पर कर्ज का बढ़ता बोझ: 3 महीने में 13,000 करोड़ रुपये और उधार, कुल कर्ज 4.47 लाख करोड़ हुआ
पंजाब सरकार जुलाई से सितंबर 2026 के बीच 13,000 करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बना रही है। यह इसलिए किया जा रहा है ताकि राज्य पर बढ़ते कर्ज को संभाला जा सके। यह पैसा 2 से 5 साल और 16 से 20 साल की मैच्योरिटी वाली सरकारी सिक्योरिटीज बेचकर जुटाया जाएगा। सितंबर आते-आते, राज्य का अप्रैल से सितंबर तक का कुल उधार 18,142 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
पंजाब का कुल उधार 40,000 करोड़ के करीब
राज्य की इस उधार योजना के अनुसार, जुलाई में 5,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य था, जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये पहले ही आ चुके हैं। इसके बाद अगस्त में 3,500 करोड़ और सितंबर में 4,000 करोड़ रुपये उधार लिए जाएंगे। इस तरह, पूरे साल का कुल उधार लगभग 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
ये सभी कर्ज पंजाब के कुल कर्ज को मार्च 2027 तक 4.47 लाख करोड़ रुपये की बड़ी रकम तक धकेल रहे हैं। बढ़ते कर्ज की मुख्य वजह मुफ्त बस यात्रा और महिलाओं को मिलने वाले मासिक भत्ते जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर होने वाला खर्च बताया जा रहा है। आलोचकों ने, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हैं, आम आदमी पार्टी सरकार के वित्तीय फैसलों पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पंजाब के अधिकारी कहते हैं कि इस कर्ज का कुछ हिस्सा पुराने कर्जों की वजह से भी है और वे विकास पर भी ज्यादा पैसा लगा रहे हैं।