पंजाब में वेतन युद्ध: कर्मचारी 18 प्रतिशत DA की जिद पर अड़े
पंजाब सरकार ने 4.20 लाख हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत के लिए वापस आने को कहा है। सरकार ने उन्हें केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर वेतन और महंगाई भत्ता (DA) देने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन कर्मचारी संगठन इस बात से सहमत नहीं हैं।
उन्होंने इस कदम को 'ध्यान भटकाने वाली चाल' बताया है। कर्मचारी चाहते हैं कि कोई भी असली बातचीत शुरू होने से पहले पिछले हफ्ते की हड़ताल में शामिल हुए कर्मचारियों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस ली जाए।
पंजाब के कर्मचारी संघ 18 प्रतिशत DA की मांग पर अड़े
कर्मचारी संगठन अपनी 18 प्रतिशत बकाया DA और एरियर को तुरंत जारी करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग का असर करीब 3 लाख पेंशनभोगियों पर भी पड़ेगा। उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर वे और विरोध प्रदर्शन करने की धमकी दे रहे हैं।
इस बीच, पंजाब के वित्त मंत्री का कहना है कि राज्य का आधे से ज्यादा राजस्व तो पहले ही वेतन और पेंशन पर खर्च हो जाता है (जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है)। वित्त मंत्री ने बताया कि DA को 60 प्रतिशत तक बढ़ाने पर हर साल 6,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसके बावजूद, अगर हालात नहीं बदलते हैं तो कर्मचारी संघों ने सितंबर और अक्टूबर में नए सिरे से विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है।