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पंजाब: शख्स ने हाईवे पर लगाया कैमरा, सेना की गतिविधियां पाकिस्तान भेजने के आरोप में गिरफ्तार
पंजाब में संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है

पंजाब: शख्स ने हाईवे पर लगाया कैमरा, सेना की गतिविधियां पाकिस्तान भेजने के आरोप में गिरफ्तार

लेखन आबिद खान
May 22, 2026
11:04 am

क्या है खबर?

पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने एक संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में एक शख्स बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। उस पर भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजने के आरोप है। बलजीत ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कैमरा लगाया था, जिसकी लाइव फीड पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजी जा रही थी।

रिपोर्ट

3 अन्य आरोपी भी नामजद

पुलिस ने बताया कि चक्क धारीवाल गांव के रहने वाले बलजीत ने NH-44 पर सुजानपुर में एक दुकान पर CCTV कैमरा लगाया था। इस कैमरे के जरिए सेना की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी, जिसकी सीधी फीड पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजी जा रही थी। इस मामले में बलजीत के अलावा 3 अन्य आरोपियों- विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्का (नवा पिंड, सुजानपुर), बलविंदर सिंह उर्फ विक्की और तरणप्रीत सिंह उर्फ टन्नू को भी नामजद किया गया है।

पुलिस

पुलिस ने कहा- मामले में और खुलासे होने की उम्मीद

SSP पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा, "गिरफ्तार किया गया व्यक्ति देश विरोधी ताकतों के लिए जासूसी कर रहा था। वह नेशनल हाईवे 44 सुजानपुर पर पुल नंबर 4 और 5 के बीच कैमरे लगाता था और उसकी वीडियो फुटेज देश विरोधी ताकतों को भेजता था। यह बहुत संवेदनशील जगह है, यहां से हर तरह की गतिविधि पर नजर रखने के लिए ये कैमरे लगाए गए थे। इसमें उसके 3 और साथी भी हैं।"

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दुबई

जासूसी नेटवर्क का दुबई कनेक्शन भी आया सामने

पुलिस ने बताया कि जिस आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, उसे नशा करने की लत है। माना जा रहा है कि नशे के लिए पैसों के लालच में ही उसने ये कदम उठाया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को दुबई में बैठे एक अज्ञात शख्स से निर्देश मिल रहे थे। कथित तौर पर उसे 40,000 रुपये दिए गए थे। पुलिस ने आरोपी के पास से कैमरा बरामद किया है।

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नेटवर्क

पुलिस जांच में जुटी

पंजाब पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में बलजीत ने स्वीकार किया है कि उसने इसी साल जनवरी में कैमरा लगाया था और उसकी लाइव फीड बाहरी लोगों के साथ साझा की जा रही थी। जांच एजेंसियां उसके मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और विदेशी संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। हाल ही में सस्ते चीनी उपकरणों के जरिए जासूसी के कई मामले सामने आए हैं, जिन्होंने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

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