पराली पर FIR नहीं, आर्थिक प्रोत्साहन, मुख्यमंत्री मान का केंद्र को सीधा संदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पराली जलाने वाले किसानों पर एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ हैं। पराली जलाने को अक्सर दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण की बड़ी वजह माना जाता है। मान चाहते हैं कि किसानों को सजा देने के बजाय, इस मौसम में पराली न जलाने के लिए उन्हें आर्थिक मदद (प्रोत्साहन राशि) दी जाए। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि केंद्र सिर्फ पंजाब को ही निशाने पर ले रहा है, जबकि पड़ोसी राज्यों से होने वाले प्रदूषण को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब ने 2023 के बाद से पराली जलाने की घटनाओं में 86% की कमी की है।
धारा 223 के तहत एफआईआर से किसानों पर आर्थिक मार
धारा 223 के तहत दर्ज FIR से किसानों पर बड़ा जुर्माना लग सकता है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो जाती है। यह स्थिति तब और मुश्किल हो जाती है, जब धान की कटाई और अगली फसल बोने के बीच बहुत कम समय बचता है। किसान संगठन इन कानूनी कार्रवाइयों को गलत मानते हैं। उनकी मांग है कि किसानों पर दर्ज सभी मौजूदा एफआईआर तुरंत रद्द की जाएं।