पंजाब के बठिंडा में किसानों का हिंसक प्रदर्शन, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे
क्या है खबर?
पंजाब के बठिंडा में अपने 2 किसान साथियों की रिहाई की मांग कर रहे किसानों का प्रदर्शन बुधवार को हिंसक हो गया। भारतीय किसान यूनियन (एकता-उग्रहान) के सदस्य बठिंडा में उपायुक्त कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, तभी पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश की। इस बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने भीड़ तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलाई और आंसू गैस के गोले दागे, जिससे तनाव फैल गया। पिछले 12 दिनों यह पुलिस की दूसरी कार्रवाई है।
घटना
शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसा में कैसे बदला?
इलाके में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को बड़ी संख्या में किसान जियोंद गांव में इकट्ठा हुए और जिला आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना देने की योजना बनाई। पहले किसानों ने बठिंडा -चंडीगढ़ राजमार्ग पर धरना दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। इसके बाद पुलिस बल ने उन्हें हटाकर गांव की आंतरिक सड़क पर स्थानांतरित कर दिया। किसान माने नहीं और शहर जाने लगे। पुलिस ने उनको रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
आरोप
पुलिस पर बिना उकसावे के कार्रवाई का आरोप
बठिंडा जिले के किसान यूनियन के अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के कार्रवाई की है। मान ने आरोप लगाया, "पुलिस ने हम पर तब हमला किया जब हम एक गांव के डेरे में शांतिपूर्वक एकत्रित थे। उन्होंने एक धार्मिक स्थल को भी नहीं बख्शा। उन्होंने एक ग्रामीण की झोपड़ी तोड़ दी और उसकी 6 बकरियों को मार डाला। एक युवक को जबरन हिरासत में ले लिया और घरों पर छापे मारे गए।"
निंदा
किसान मजदूर मोर्चा ने भगवंत मान सरकार की निंदा की
किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के समन्वयक सरवन सिंह पंधेर ने किसानों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि राज्य की भगवंत मान सरकार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के फैसलों को लागू करने की कोशिश कर रही है, इसलिए वह पंजाब में आंदोलन को दबा रही है। भगवंत मान को गलतफहमी छोड़ देनी चाहिए कि किसान उनके दबाव के आगे झुक जाएंगे।"
मामला
क्या है किसानों की रिहाई का मामला?
जियोंद गांव में मूल-भूस्वामियों और काश्तकार किसानों के बीच दशकों पुराने भूमि विवाद से संबंधित मामले में एक टकराव के बाद जनवरी 2025 में बलदेव सिंह चौके और सगनदीप सिंह जियोंद को गिरफ्तार किया गया था। राजस्व अधिकारी भूमि सीमांकन के लिए गांव गए थे, जिसका किसानों ने विरोध किया। इसी बीच, स्थिति बिगड़ गई और एक पुलिस उपाधीक्षक का हाथ टूट गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास और अन्य मामलों में FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।
ट्विटर पोस्ट
पुलिस और किसानों के बीच झड़प
Clash visuals emerge from Bathinda amid escalating tensions between farmers and police. Bharti Kisan Union (Ekta Ugrahan) has called for an indefinite protest outside the District Administrative Complex (DAC), seeking the release of its activists Shagandeep Singh Jeond and Baldev… https://t.co/I45kyjtpul pic.twitter.com/oEFxhAdVE5
— Gagandeep Singh (@Gagan4344) February 18, 2026