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बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 10 करोड़ रुपये हड़पे, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गिरफ्तार
पुणे से करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में इंफ्लुएंसर गिरफ्तार

बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर 10 करोड़ रुपये हड़पे, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गिरफ्तार

लेखन आबिद खान
Aug 13, 2026
03:34 pm

क्या है खबर?

एक बुजुर्ग व्यक्ति से 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने के मामले में पुणे पुलिस ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है। इंफ्लुएंसर की पहचान रोहन जाधव के रूप में हुई है, जो कई महीनों से फरार चल रहा था। इस मामले में 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस रोहन तक पहुंची। उसकी संपत्ति और दूसरे वित्तीय स्त्रोतों को पहले ही फ्रीज कर दिया गया है।

मामला

बुजुर्ग से ठगे 10.74 करोड़ रुपये

यह घटना इसी साल जनवरी में सामने आई थी। तब कुछ जालसाजों ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसा लिया था।

उन्होंने बुजुर्ग को बताया कि उन पर एक मामले में आरोप लगा है और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उन्हें पैसों का भुगतान करना होगा।

इसके बाद जालसाजों ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में 10.74 करोड़ रुपये जमा करवा लिए थे।

बैंक

रोहन ने 5,000 से ज्यादा खातों में ट्रांसफर की राशि 

बुजुर्ग की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद हर्षद सुभाष धंतोले, समर्थ सुरेश देशमुख और अमर शिवाजी अत्तारगी नामक 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में धंतोल ने बताया कि उसने निकाली गई रकम रोहन को दी थी, जो फरार था।

जांच में पता चला कि रोहन जाधव ने धोखाधड़ी से मिले 10.74 करोड़ रुपये को कुल 5,436 बैंक खातों में ट्रांसफर किया। ये भी सामने आया कि वो हांगकांग के लोगों के संपर्क में था।

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आरोप

रोहन पर ये आरोप भी लगे

रोहन छत्रपति संभाजीनगर का रहने वाला है और फिलहाल पुणे के पिंपल गुरव में रहता है। वो सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध है।

पुलिस का कहना है कि वह भारत में एक अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह के लिए मुख्य कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम करता था। अधिकारियों ने पुष्टि की कि रोहन विदेश में बैठे हैंडलर्स और स्थानीय साथियों के साथ मिलकर काम कर रहा था।

वो टेलीग्राम के जरिए नियमित हांगकांग के लोगों से बात करता था।

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जांच

रोहन तक कैसे पहुंची पुलिस?

जांच में पता चला कि धोखाधड़ी की रकम में से 75 लाख रुपये यस बैंक के एक खाते में भेजे गए। बाद में इस राशि को छोटी-छोटी रकमों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 3 अलग-अलग खातों में भेजा गया।

इस धोखाधड़ी में शामिल जाधव के एक बैंक खाते का संबंध देशभर में साइबर धोखाधड़ी की कम से कम 29 अलग-अलग शिकायतों में भी सामने आया।

पुलिस अब तक 1.34 करोड़ रुपये को फ्रीज कर चुकी है।

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