पुणे मंगेतर हत्याकांड: क्या सिया गोयल का पॉलीग्राफ टेस्ट खोलेगा राज?
पुणे ग्रामीण पुलिस ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की मुख्य आरोपी सिया गोयल का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की है। पिछले साल जून में 25 साल के रियल एस्टेट एजेंट केतन को लोहगढ़ किले में एक गहरी खाई में धकेल दिया गया था। जांचकर्ताओं को शक है कि सिया और उसके कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी ने मिलकर यह साजिश इसलिए रची ताकि सिया को किसी तयशुदा शादी के लिए मजबूर न होना पड़े।
फोन डेटा से सबूत जुटा रही पुलिस
चूंकि इस मामले में न तो कोई चश्मदीद है और न ही कोई CCTV फुटेज, पुलिस को अब फोन डेटा और दूसरे तकनीकी सबूतों के सहारे ही कड़ियां जोड़नी पड़ रही हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने कॉल लॉग और फाइलें मिटाने की कोशिश की, जिससे जांच और भी उलझ गई है। इसके अलावा, शादी की योजनाओं को लेकर भी कई विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं, जिससे पुलिस के लिए हत्या का साफ मकसद समझना मुश्किल हो रहा है।
पॉलीग्राफ टेस्ट के नतीजे सबूत नहीं माने जाते
पुलिस को उम्मीद है कि पॉलीग्राफ टेस्ट से वे झूठ पकड़ पाएंगे या फिर कुछ अधूरी जानकारी को पूरा कर पाएंगे। हालांकि, यह तभी मुमकिन होगा जब सिया इस टेस्ट के लिए तैयार हो जाए। अहम बात यह भी है कि पॉलीग्राफ टेस्ट के नतीजे अदालत में सीधे तौर पर सबूत नहीं माने जाते। इनका इस्तेमाल सिर्फ पुलिस को यह समझने के लिए किया जाता है कि उन्हें अपनी जांच किस दिशा में आगे बढ़ानी है।