केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया ने हत्या की योजना बनाई, चेतन ने धक्का दिया
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के पुणे में 26 वर्षीय व्यवसायी केतन विशाल अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा दावा किया है। उसने गुरुवार को बताया कि केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) ने अपराध कबूल लिया है। उसने ही हत्या की योजना बनाई थी, जिसे अपने प्रेमी चेतन चौधरी (22) के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने बताया कि शुरूआत में सिया और चेतन एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे थे, लेकिन बाद में सिया टूट गई।
खुलासा
सिया ने चेतन को बताया मुख्य आरोपी
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले विवरण सामने आए, जिन्होंने शुरू में एक-दूसरे पर दोष मढ़ने की कोशिश की, लेकिन बाद में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। चेतन ने दावा किया कि वह भागकर शादी करना चाहता था, लेकिन सिया ने हत्या की योजना बनाई। सिया का कहना था कि यह चेतन की योजना थी और 14 जून को लोहागढ़ किले में जब वे केतन को मार नहीं पाए तो चेतन रोया भी था।
खुलासा
लगातार पूछने के बाद दोनों टूट गए
इंडिया टुडे के मुताबिक, चौधरी पुलिस के सामने दावा कर रहा था कि वह किले में मौजूद था, लेकिन वह उस सटीक स्थान पर नहीं गया, जहां केतन को धक्का दिया गया था। उसे नहीं पता कि क्या हुआ था। यही बात उसने अपने पिता को भी बताई थी, जो उसके पिता ने मीडिया को दिए बयान में कही थी। पुलिस ने इसे झूठ बताया और कहा कि लगातार पूछताछ के बाद दोनों टूट गए और घटनाक्रम का खुलासा किया।
कबूलनामा
सिया ने बताई पूरी सच्चाई
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिया को योजना के अनुसार बैठकर संकेत देना था, जिसके बाद चेतन को आकर बेखबर केतन को धक्का देना था। उन्होंने योजना को हूबहू अंजाम दिया। दोनों ने पुलिस को बताया कि क्या और कैसे हुआ। केतन को अंदाजा नहीं था कि क्या होने वाला है। पुलिस ने आरोपियों ने पूछा कि उन्होंने हत्या की जगह साथ भागने का विकल्प क्यों नहीं चुना? इस पर सिया ने बताया कि भागने से परिवारों की बदनामी होती।
जांच
महाराष्ट्र विधानसभा ने SIT के आदेश दिए
महाराष्ट्र विधानसभा ने गुरुवार को घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के विधायक सुनील शेल्के ने विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए कहा, "गोयल परिवार के सदस्यों को उसके पुराने रिश्ते के बारे में पता था। मेरी मांग है कि मामले में उसके परिवार की भी जांच की जानी चाहिए।" शेल्के की बात सुनकर सत्ता-विपक्ष दोनों सहमत हुए। प्रोटेम स्पीकर ने SIT का आदेश दिया।