LOADING...
पहलगाम आतंकी हमला: आतंकियों ने हमले के बाद मनाया था जश्न, सामने आई नई जानकारी
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर NIA ने नए खुलासे किए हैं

पहलगाम आतंकी हमला: आतंकियों ने हमले के बाद मनाया था जश्न, सामने आई नई जानकारी

लेखन आबिद खान
May 22, 2026
02:06 pm

क्या है खबर?

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी चार्जशीट में नए खुलासे किए हैं। NIA ने बताया कि पहलगाम हमले में हुए शामिल तीनों आतंकवादियों ने बर्बर घटना को अंजाम देने से पहले एक पेड़ के नीचे दोपहर का खाना खाया था। इन तीनों आतंकवादियों की पहचान फैसल जट्ट उर्फ ​​सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ ​​जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। ये तीनों 29 जुलाई को 'ऑपरेशन महादेव' में मारे गए थे।

बयान

आतंकियों को पनाह देने वाले परवेज ने क्या बताया?

हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकवादी बैसरन के पास एक स्थानीय व्यक्ति के घर में रुके थे। स्थानीय निवासी परवेज अहमद ने कहा, "21 अप्रैल की शाम 5 बजे मैं, मेरी पत्नी और बेटे झोपड़ी में बैठे थे। मेरे मामा बशीर अहमद अंदर आए और हमें चुप रहने को कहा। वे बाहर से 3 बंदूकधारियों के साथ वापस आए। तीनों ने मुझसे पानी मांगा, क्योंकि वे थके और प्यासे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने लंबी दूरी तय की है।"

चार्जशीट

चार्जशीट में लश्कर और TRF का भी नाम

NIA ने विशेष कोर्ट में 1,597 पन्नों की चार्जशीट दायर कर पाकिस्तान से जुड़े षड्यंत्र की भी जानकारी दी है। एजेंसी ने इस हमले की योजना बनाने, अंजाम देने और उसमें सहयोग करने में भूमिका निभाने के लिए भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए हाफिज सईद के नेतृत्व वाले लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हबीबुल्लाह मलिक उर्फ ​​साजिद जट्ट के नेतृत्व वाले द रेसिस्टेंस फोर्स (TRF) का भी नाम लिया है।

Advertisement

घाटी

बैसरन घाटी में आतंकियों ने क्या-क्या किया?

बैसरन घाटी में तीनों आतंकवादियों ने एक पेड़ के नीचे बैठकर दोपहर का भोजन किया। कुछ समय बाद उन्होंने अपने बैग से कंबल निकाले और उन्हें ओढ़ लिया। फिर 2 आतंकी वहां गए, जहां से एक नदी बैसरन में प्रवेश करती है और आसपास के माहौल का अंदाजा लेने लगे। फिर तीनों बाड़ के नीचे से घाटी में आए। 2 आतंकवादी शौचालयों के रास्ते मुख्य प्रवेश द्वार की ओर बढ़े, जबकि तीसरा जिपलाइन के दूसरे छोर की ओर गया।

Advertisement

गोलीबारी

जाते हुए जश्न में चलाई गोलियां

दोपहर 2:23 बजे एक आतंकी ने अपनी M-4 कार्बाइन से पहली गोली चलाई। इसके बाद 2 आतंकवादियों ने भी ढाबों और ढलान वाले इलाके के पास AK-47 राइफलों से गोलीबारी शुरू कर दी। भागते समय आतंकवादियों ने पेड़ों के पीछे छिपे 3 नागरिकों को करीब से गोली मारी। चार्जशीट के अनुसार, घाटी से बाहर निकलने के बाद आतंकवादियों ने जश्न मनाते हुए गोलियां चलाईं, "जो पश्चाताप की कमी और आतंकी उद्देश्य के प्रति निरंतर निष्ठा का प्रमाण है।"

Advertisement