PoK में पाकिस्तान का दमनचक्र: 19 दिन से भूख-प्यास, इंटरनेट बंद, 1,400 से ज्यादा लापता
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 19 दिनों से लगातार विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' की अगुवाई में स्थानीय लोग जुलाई में होने वाले चुनावों के लिए शरणार्थियों को दी गई 12 आरक्षित सीटों का कड़ा विरोध कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। लोगों तक खाना-पीना पहुंचने से रोका जा रहा है, इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं और रास्ते बंद कर दिए गए हैं। शनिवार को 35 और लोगों को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद आधिकारिक तौर पर हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 515 हो गई है। वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंदोलन शुरू होने के बाद से अब तक 1,435 से ज्यादा लोगों को या तो पकड़ लिया गया है या वे लापता हैं।
बंद के बीच लोगों को झेलनी पड़ रही किल्लत
बाजार बंद होने और इंटरनेट सेवा ठप पड़ने की वजह से बैंकिंग सेवाएं भी रुक गई हैं, जिससे PoK के लोग रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए जूझ रहे हैं। खाने-पीने की चीजों और जरूरी दवाइयों की भारी किल्लत हो गई है। जब से यह बंद शुरू हुआ है, तब से मजदूरों और व्यापारियों के लिए रोजी-रोटी कमाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि उनके पास काम ही नहीं बचा है। इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सबकी नजर है। इसी कड़ी में, ग्लासगो में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर कश्मीरी प्रवासियों ने भी विरोध-प्रदर्शन किया है।