सीवर में दम तोड़ती जिंदगी, जंतर-मंतर पर सफाईकर्मियों ने मांगा इंसाफ
मंगलवार को जंतर-मंतर पर सफाई कर्मचारी और उनके परिवार जमा हुए। उन्होंने हाथ से मैला ढोने वालों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस प्रदर्शन की अगुवाई सफाई कर्मचारी आंदोलन (SKA) ने की।
प्रदर्शनकारियों ने उन कानूनों को ठीक से लागू करने की बात कही, जो असुरक्षित और अस्वच्छ सीवर सफाई के काम को खत्म करने के लिए बने हैं। इसके अलावा, उन्होंने खतरनाक काम के चलते अपनी जान गंवाने वालों के लिए जवाबदेही भी तय करने की मांग की।
मजदूरों ने सुनाई आपबीती, सरकार से की कार्रवाई की अपील
लोगों ने अपनी दर्दभरी निजी कहानियां बताईं। सत्यावती ने बताया कि कैसे उनके देवर अशोक कुमार की मौत 2009 में एक सेप्टिक टैंक की सफाई करते वक्त हो गई थी।
लंबे समय से काम कर रहे मजदूर पालाराम ने भी कहा कि उन्होंने सालों तक बिना किसी सुरक्षा उपकरण या ट्रेनिंग के काम किया।
दीप्ति सुकुमार ने इन मौतों को 'सरकार की निगरानी में की गई हत्या' बताया। उन्होंने सरकार से अपील की कि अब वह जाति आधारित शोषण को खत्म करे और सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करे।