हरियाणा में 35% वेतन वृद्धि ने नोएडा में जगाई आग, अब UP सरकार की चुनौती!
नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर 8 अप्रैल से ही सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे अच्छे वेतन और काम करने की बेहतर शर्तों की मांग कर रहे हैं। हरियाणा में इसी तरह के प्रदर्शनों के बाद 35% वेतन वृद्धि का ऐलान किया गया, जिससे नोएडा के इन प्रदर्शनों को और ताकत मिली। अब साफ हो गया है कि न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी काफी समय से लंबित थी।
नए श्रम कानूनों के लागू होने से राज्यों में भ्रम की स्थिति
हरियाणा में न्यूनतम मूल वेतन को दस साल के लंबे अंतराल के बाद संशोधित किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में तो 2012 के बाद से सिर्फ अस्थायी सुधार ही किए जा रहे हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में यह बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है। यह आंदोलन इस बात को भी सामने लाता है कि मजदूरी को एक समान करने के लिए लाए गए नए श्रम कानून उस तरह से काम नहीं कर पाए, जैसा सोचा गया था। इन्हें लागू करने में हुई देरी और भ्रम की वजह से अलग-अलग राज्यों में मजदूर और मालिक, दोनों ही परेशान हैं।