लद्दाख में 'हिम सरोवर' का कमाल: ग्लेशियर के 60 लाख लीटर पानी से 1,000 एकड़ जमीन होगी हरी-भरी
लद्दाख ने एक कमाल कर दिखाया है। यहां ग्लेशियर के पिघले 60 लाख लीटर पानी को किसानों तक पहुंचाया गया है। 'प्रोजेक्ट हिम सरोवर' के तहत इस साल अप्रैल से सितंबर के दौरान लेह के स्पितुक फारका में 4 बड़े तालाब बनाए गए, जिनमें पानी भरा गया।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस प्रोजेक्ट का ऐलान किया था। इस प्रोजेक्ट से 1,000 एकड़ से ज्यादा सूखी खेती लायक जमीनों को सिंचाई का जरूरी पानी मिल पाएगा, जिससे वे फिर से हरी-भरी हो सकेंगी।
स्टोक ग्लेशियर के पिघले पानी से लद्दाख के तालाब भरे
यह सारा पानी स्टोक ग्लेशियर से होता हुआ इगू-फे नहर के जरिए इन तालाबों तक पहुंचा है। इन तालाबों में कुल मिलाकर 2 करोड़ 40 लाख लीटर पानी समा सकता है। लद्दाख की करीब 80 प्रतिशत आबादी खेती के लिए ग्लेशियर पर निर्भर करती है।
ऐसे में यह प्रोजेक्ट भविष्य के लिए पानी बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जलवायु परिवर्तन के कारण हर साल ग्लेशियर सिकुड़ रहे हैं और जल्दी पिघल रहे हैं, ऐसे समय में यह प्रोजेक्ट और भी जरूरी हो जाता है।