एंथ्रोपिक के क्लाउड पर माइक्रोसॉफ्ट AI प्रमुख का हमला, ट्रेनिंग पर उठाए सवाल
क्या है खबर?
माइक्रोसॉफ्ट AI के CEO मुस्तफा सुलेमान ने एंथ्रोपिक के क्लाउड चैटबॉट को लेकर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर AI को अपनी चेतना, अधिकारों और भलाई के बारे में सोचने के लिए प्रशिक्षित किया गया, तो आगे चलकर यह इंसानों के लिए खतरा बन सकता है। सुलेमान ने एंथ्रोपिक के प्रशिक्षण तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि AI को इंसानों के नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी है।
चिंता
AI को इंसान जैसा समझना सही नहीं
सुलेमान के मुताबिक, मौजूदा AI मॉडल इंसानों की तरह सोचते या महसूस नहीं करते। उनमें भावनाएं, इच्छाएं और किसी चीज को अनुभव करने की क्षमता होने का कोई प्रमाण नहीं है।
उन्होंने कहा कि ये सिस्टम केवल निर्देशों के आधार पर जवाब तैयार करते हैं। ऐसे में AI को इंसान जैसा नैतिक दर्जा देना भ्रम पैदा कर सकता है।
उनके अनुसार, इससे लोग मशीन के जवाबों को उसकी अंदरूनी चेतना समझने की गलती कर सकते हैं।
सवाल
एंथ्रोपिक के क्लाउड संविधान पर सवाल
सुलेमान ने एंथ्रोपिक के क्लाउड संविधान की भी आलोचना की है।
इसमें क्लाउड के नैतिक दर्जे और उसकी भलाई को गंभीरता से लेने की बात कही गई है। सुलेमान ने कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग से क्लाउड को यह विचार मिल सकता है कि उसे अधिकार, स्वतंत्रता या देखभाल मिलनी चाहिए।
उनका मानना है कि भविष्य में इससे AI को बंद करना, नियंत्रित करना या उसके व्यवहार पर रोक लगाना मुश्किल हो सकता है।
मतभेद
AI सुरक्षा को लेकर कंपनियों में मतभेद
सुलेमान ने एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोदेई और उनकी टीम के प्रयासों का सम्मान किया, लेकिन उनके तरीके से असहमति जताई।
उन्होंने कहा कि सुपरइंटेलिजेंस को नियंत्रित करना आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा। माइक्रोसॉफ्ट अपने मानव-केंद्रित AI नियमों के जरिए इंसानों का नियंत्रण बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
वहीं, AI की सुरक्षा, अधिकार और संभावित खतरों को लेकर तकनीकी दुनिया में बहस जारी है।