रणथंभौर में 70 साल बाद दिखा चीता KP-2, खुशी के साथ खड़ी हुई नई मुश्किल
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में एक चीता दिखने से वन्यजीव इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। रिजर्व के जोन 9 में KP-2 नामक चीता देखा गया है। यह 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत भारतीय जमीन पर पैदा हुए पहले पीढ़ी के चीतों में से एक है। यह इसलिए भी खास है क्योंकि 70 साल से भी ज्यादा समय बाद रणथंभौर में कोई चीता दिखा है, क्योंकि भारत से यह प्रजाति पूरी तरह विलुप्त हो चुकी थी।
अधिकारी KP-2 को वापस कुनो भेजने पर कर रहे विचार
KP-2 की यह चहलकदमी देखकर वन्यजीव प्रेमी उत्साहित तो हैं, लेकिन थोड़ी चिंता भी सता रही है। युवा चीते वैसे तो अक्सर नए इलाकों की तलाश में भटकते रहते हैं, पर रणथंभौर में बाघों और तेंदुओं के बीच उसकी मौजूदगी उनके लिए चुनौती बन सकती है। वन विभाग के अधिकारी KP-2 पर पैनी नजर रखे हुए हैं। वे इस पर विचार कर रहे हैं कि उसे वापस कुनो भेजा जाए या नहीं। दरअसल, कुनो में चीतों की बढ़ती आबादी के कारण उनके लिए जगह कम पड़ने लगी है। यह पूरी स्थिति हमें दिखाती है कि भारत के रिजर्व में बड़े मांसाहारी जीवों को एक साथ रखना कितना मुश्किल काम है।