सेशेल्स में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए तोहफे बने दोनों देशों की अटूट दोस्ती का प्रतीक
सेशेल्स की अपनी हालिया यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के बड़े नेताओं और उनके परिवार के लिए कुछ खास हाथ से बने तोहफे साथ ले गए। प्रधानमंत्री का यह कदम भारत की पुरानी कला को दुनिया के सामने लाने और दोनों देशों के गहरे रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देता था। खास तौर पर हिंद महासागर में दोनों देश जिस तरह से एक-दूसरे के साथी हैं, उसे भी इन उपहारों के जरिए दर्शाया गया।
उपहार साझा विरासत और संरक्षण के प्रतीक बने
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हरमिनी को पीतल का एक कछुआ भेंट किया। यह कछुआ ज्ञान का प्रतीक माना जाता है और सेशेल्स के बड़े-बड़े कछुओं की याद भी दिलाता है। इसके अलावा, अन्य नेताओं के लिए उन्होंने 'तोडा' कढाई वाली शॉल और 'कांचीपुरम' सिल्क भेंट किए। प्रथम महिला को 'माहेश्वरी' सिल्क स्टोल और 'बिदरीवेयर' का डिब्बा मिला। ये सभी उपहार भारत की विविध शिल्प परंपराओं को दर्शाते थे। ये उपहार सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं चुने गए थे, बल्कि ये भारत और सेशेल्स के साझा मूल्यों को दर्शाते थे। इन उपहारों के जरिए दोनों देशों की विरासत, पर्यावरण के प्रति जागरूकता (संरक्षण) और अपनी संस्कृति पर गर्व को दिखाया गया, जिससे उनके आपसी संबंध और भी गहरे हो गए।