प्रधानमंत्री मोदी का दो टूक जवाब, विकासशील देश नहीं प्रदूषण के दोषी
दिल्ली में हुए एक बड़े जलवायु सम्मेलन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि कार्बन उत्सर्जन के लिए विकासशील देशों को दोषी ठहराया जाए।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन पूरी दुनिया के औसत से भी आधा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पेरिस जलवायु लक्ष्यों को तय समय से काफी पहले ही हासिल कर लिया है। इससे पता चलता है कि भारत स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण को लेकर कितना गंभीर है।
राष्ट्रपति मुर्मू समापन सत्र में हुईं शामिल
यह 2 दिवसीय कार्यक्रम है, जिसमें 17 देशों के न्यायाधीश, पर्यावरण विशेषज्ञ, बड़े सरकारी अधिकारी और न्यायिक प्रतिनिधि एक साथ शामिल हुए। यहां सभी ने जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के लिए ठोस समाधान ढूंढने पर चर्चा की।
सम्मेलन का समापन राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में हुए समापन सत्र के साथ हुआ।
इस सत्र में पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी बड़ी चुनौतियों पर खास ध्यान दिया गया। साथ ही, नीतियों को बनाने और लागू करने में जो कमियां रह जाती हैं, उनकी पहचान की गई। इसमें सफल तरीकों को आपस में बांटा गया और अलग-अलग संस्थाओं व सभी संबंधित पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।