राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने ईद-उल-फितर पर देशवासियों को दी बधाई, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
भारत में शनिवार (21 मार्च) को ईद-उल-फितर का पवित्र त्योहार पूरे उत्साह और खुशी के साथ मनाया जा रहा है। यह इस्लाम धर्म का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो रमजान महीने के खत्म होने पर मनाया जाता है। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह त्योहार आत्मसंयम, सेवा, परोपकार और जरूरतमंद लोगों के प्रति दया की भावना सिखाता है।
बधाई
राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने कैसे दी बधाई?
राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर लिखा, 'ईद-उल-फितर के मुबारक मौके पर सभी देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम बहनों और भाइयों को हार्दिक बधाई। यह त्योहार आत्मसंयम, सेवा, परोपकार एवं वंचित वर्गों के प्रति दया का भाव रखने की सीख देता है। आइए हम समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लें।' प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन भाईचारे और सद्भाव को और बढ़ावा दे। सभी स्वस्थ और खुशहाल रहें। ईद मुबारक!'
शुभकामनाएं
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और राहुल गांधी ने भी दी शुभकामनाएं
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी इस शुभ अवसर पर देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा जताई है कि यह त्योहार और इसका महत्व सभी के बीच आशा, सद्भाव और करुणा की भावना जगाए। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'ईद मुबारक! यह शुभ अवसर आशा, सद्भाव और करुणा की भावना जगाए और खुशियां और सफलता लाए।' इसके अलावा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और BSP प्रमुख मायावती ने भी ईद की मुबारकबाद दी है।
ट्विटर पोस्ट
यहां सुने राहुल गांधी का बधाई संदेश
Eid Mubarak!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 21, 2026
Wishing you and your loved ones joy, prosperity, and good health. pic.twitter.com/TZqSGpC8r4
महत्व
ईद-उल-फितर का महत्व
ईद-उल-फितर इस्लामी कैलेंडर के 10वें महीने शव्वाल के पहले दिन मनाई जाती है। यह त्योहार रमजान के महीने के समापन का प्रतीक है, जो दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा उपवास, प्रार्थना और आत्मचिंतन का महीना माना जाता है। इसे दुनिया भर में नमाज, शांति और सद्भाव की दुआ, दान, पारिवारिक मिलन और सामुदायिक भावना के साथ मनाया जाता है। भारत में रमजान महीने के 29वें दिन चांद दिखने के बाद ही ईद की घोषणा की जाती है।