
वक्फ संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति ने भी दी मंजूरी, बना नया कानून
क्या है खबर?
लोकसभा और राज्यसभा में गरमागरम बहस के बाद पारित हुए वक्स संशोधन विधेयक को शनिवार रात को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही इस विधेयक ने अब कानून का रूप ले लिया है। अब नए वक्फ कानून को पूरे देश में लागू किया जाएगा। फिर इसके अनुसार ही आगे की सभी प्रक्रियाएं होंगी।
बता दें कि इस विधेयक को 3 अप्रैल को लोकसभा में और 4 अप्रैल को राज्यसभा में पारित किया गया था।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें राजपत्र अधिसूचना
The Waqf (Amendment) Act, 2025 receives the President’s assent . It is now a law —
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) April 5, 2025
Finally the "Mafia" cannot go unchecked now pic.twitter.com/uxXDjREVDj
विरोध
कानून के खिलाफ हो रहा है विरोध
इस नए कानून को कांग्रेस, AIMIM और आम आदमी पार्टी (AAP) ने अलग-अलग याचिकाओं के साथ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
इसी तरह, देश के अलग-अलग राज्यों में कई मुस्लिम संगठन भी इसके विरोध में प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
इतना ही नहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस कानून के विरोध में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। ऐसे में अब इस कानून को लेकर आगे भी गहमागहमी देखने को मिल सकती है।
याचिका
इन नेताओं ने दायर की है याचिका
संसद से पास होने के बाद विधेयक के खिलाफ सबसे पहली याचिका कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने लगाई थी।
उसके बाद मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
इन दोनों के बाद AAP और एसोसिएशन फॉर द प्रोटेक्शन इन द मैटर्स ऑफ सिविल राइट्स ने भी सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दाखिल है।
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह विधेयक भेदभावपूर्ण और मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है।
पारित
संसद में कैसे पारित हुआ था विधेयक?
लोकसभा में विधेयक को लेकर 2 अप्रैल को बहस हुई थी, जिसके बाद 3 अप्रैल को तड़के 1 बजे हुई वोटिंग में विधेयक के समर्थन में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े थे।
उसके बाद विधेयक को लोकसभा से पारित कर राज्यसभा में भेज दिया गया था।
3 अप्रैल को इस पर राज्यसभा में 12 घंटे बहस हुई। 4 अप्रैल को तड़के 2 बजे हुई वोटिंग में विधेयक के समर्थन में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े थे।