राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पेपर लीक विरोधी कानून को दी मंजूरी, अब 10 साल जेल के साथ लगेगा 10 करोड़ तक जुर्माना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पब्लिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए एक नए कानून को मंजूरी दे दी है। संसद ने जुलाई के आखिर में इस बिल को पास किया था। इस कानून का मकसद छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना और परीक्षाओं को और ज्यादा भरोसेमंद बनाना है।
नए कानून में 10 साल जेल के साथ 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान
इस नए कानून में काफी सख्त सजा का प्रावधान रखा गया है। अगर कोई पेपर लीक करते या नकल करते पकड़ा जाता है, तो उसे 5 से 10 साल तक की जेल हो सकती है और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। वहीं, अगर कोई संगठित गिरोह इस तरह के काम में शामिल पाया जाता है, तो सजा और भी कड़ी होगी। ऐसे मामलों में कम से कम 7 साल की जेल होगी और 10 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का जुर्माना लगेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा है कि 'कोई भी पेपर-लीक माफिया छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता'। सरकार का यह कदम परीक्षाओं को सभी के लिए ज्यादा निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया है।