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प्रधानमंत्री मोदी 25-26 फरवरी को करेंगे इजरायल का दौरा, जानिए क्या रहेगा इस यात्रा का एजेंडा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को करेंगे इजरायल का दौरा

प्रधानमंत्री मोदी 25-26 फरवरी को करेंगे इजरायल का दौरा, जानिए क्या रहेगा इस यात्रा का एजेंडा

Feb 16, 2026
07:36 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी से शुरू होने वाले 2 दिवसीय इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को इसकी घोषणा की है। हालांकि, उन्होंने आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन PTI के सूत्रों के अनुसार, यह दौरा 25-26 फरवरी के लिए निर्धारित है। यह प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल में इजरायल का पहला दौरा होगा और इसे अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं इस यात्रा का एजेंडा क्या रहेगा।

बयान

नेतन्याहू ने यात्रा को लेकर क्या दिया बयान?

नेतन्याहू ने प्रमुख अमेरिकी यहूदी संगठनों के अध्यक्षों के सम्मेलन में अपने संबोधन में कहा, "संसदीय संबोधन की तैयारी चल रही है। अगले सप्ताह यहां कौन आ रहा है? नरेंद्र मोदी। इजरायल और भारत के बीच जबरदस्त गठबंधन है और हम सभी प्रकार के सहयोग पर चर्चा करने जा रहे हैं।" उन्होंने कहा, "अब, आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। इसकी आबादी 1.4 अरब है। भारत बेहद शक्तिशाली है और इजरायल को सम्मान देता है।"

संबंध

भारत और इजरायल के बीच है रणनीतिक साझेदारी

भारत ने हमेशा इजरायल-गाजा युद्ध के लिए दो-राज्य समाधान का आह्वान किया है, लेकिन उसने तेल अवीव के साथ पारस्परिक लाभ की रणनीतिक साझेदारी भी बनाए रखी है। पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी और दोनों ने आपसी लाभ के लिए इन संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर इस वार्ता की पुष्टि भी की थी।

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एजेंडा

क्या रहेगा प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का एजेंडा?

प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा से दोनों देशों के बीच रणनीतिक, कूटनीतिक और तकनीकी संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके तहत पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा हो सकती है। इसी तरह भारत अपने रक्षा क्षेत्र की मजबूती के लिए इजरायल की तकनीक को हासिल करने का प्रयास कर सकता है। इसके साथ ही विदेश नीति और व्यापार के क्षेत्र में भी अहम साझेदारी कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

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सुरक्षा

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ते खतरे को कम करने पर चर्चा संभव

इस दौरे पर क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ते खतरे को कम करने पर चर्चा हो सकती है। इसका कारण पाकिस्तान का हमास का सहयोग करना और हमास के कुछ प्रतिनिधियों का पाकिस्तान में आतंकी संगठनों से मुलाकात करना है। यह भारत के लिए बड़े खतरे का संकेत है। इजरायली राजदूत रोवेन अजार ने भी पाकिस्तान और बांग्लादेश में हमाश की बढ़ती गतिविधियों पर चिंता जाहिर की थी। ऐसे में भारत क्षेत्रीय सुरक्षा में इजरायल का सहयोग मांग सकता है।

तकनीक

इजरायल की तकनीक से भारत के रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने का प्रयास

सूत्रों के अनुसार, इजरायल की नई तकनीक भारत के रक्षा क्षेत्र को मजबूती दे सकती है। इजरायल की आयरन बीम लेजर सुरक्षा प्रणाली दुश्मन की मिसाइल और ड्रोन को तबाह कर सकती है। इजरायल में इस तकनीक पर तेजी से काम चल रहा है। ऐसे में भारत भी इस तकनीक को हासिल कर अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने का प्रयास कर सकता है। इसके तहत दोनों नेताओं के बीच आयरन बीम लेजर सुरक्षा प्रणाली को लेकर समझौता संभव है।

साइबर सुरक्षा

साइबर सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में भी समझौते संभव

दौरे पर साइबर सुरक्षा, तकनीकी साझेदारी और कृषि क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच समझौते हो सकते हैं। इसके अलावा दोनों देश एक दूसरे की मदद के इंटेलीजेंस साझेदारी पर भी जोर सकते हैं, जिससे आतंकवाद से जुड़ी सूचनाएं एक-दूसरे तक पहुंचाई जा सके। इसी तरह व्यापार के क्षेत्र में भी चर्चा संभव है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच 10 अरब डॉलर (लगभग 90,000 करोड़ रुपये) से भी ज्यादा है। समझौते से यह और बढ़ सकता है।

FTA

दोनों देशों के बीच FTA पर भी हो सकती है चर्चा

दोनों देश मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर भी बातचीत कर रहे हैं। इसकी शुरुआत 26 मई, 2010 को दिल्ली में हुई थी। हाल ही में नवंबर 2025 में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इजरायल दौरे पर आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के लिए कई बैठकें की थीं। उस दौरान इजरायल के उद्योग मंत्री नीर बरकात के साथ FTA के लिए 'संदर्भ की शर्तों' पर हस्ताक्षर किए थे। ऐसे में अब इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री मोदी ने 2017 में किया था इजरायल का दौरा

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 2017 में इजरायल का दौरा किया था। उसके बाद से ही भारत-इजराइल रिश्ते नए रणनीतिक स्तर पर पहुंचे थे। उस दौरे पर ही भारत, इजराइल के प्रमुख हथियार खरीदारों में शामिल हुआ था। भारत ने इजराइल से स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल जैसे उन्नत रक्षा सिस्टम खरीदे हैं। कृषि और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा है। इजराइल की उन्नत कृषि तकनीक और पानी बचाने के तरीकों का भारत में उपयोग हो रहा है।

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