प्रधानमंत्री ने किया नए PMO और केंद्रीय सचिवालय का अनावरण, 'सेवा तीर्थ' और 'कर्तव्य भवन' कहलाएगा
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने 'सेवा तीर्थ' और 'कर्तव्य भवन 1-2' का अनावरण किया है। 'सेवा तीर्थ' में नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को आजादी के बाद पहली बार स्थानांतरित किया गया है। साथ ही, केंद्रीय मंत्रालयों के भवन को 'कर्तव्य भवन' नाम दिया है। शुक्रवार को साउथ ब्लॉक स्थित PMO में आखिरी कैबिनेट बैठक होगी। 'सेवा तीर्थ' के आगे संस्कृत में 'नागरिकदेवो भव' लिखा गया है, जिसका अर्थ 'नागरिक भगवान के तुल्य हैं।'
कामकाज
आज से ही कामकाज शुरू, 4 फाइलों पर हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री मोदी ने नए PMO सेवा तीर्थ में प्रवेश करते ही कामकाज शुरू कर दिया है। उन्होंने शु्क्रवार को 4 फाइलों को निपटाया है, जिसमें दुर्घटना में घायलों के नकद रहित इलाज के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना, लखपति दीदी से जुड़ी योजना, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और स्टार्टअप के लिए नया फंड 'फंड ऑफ फंड्स 2.0' की फाइलें शामिल हैं। सबसे पहले कार्यालय में पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रथम देव गणेश को पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ कई मंत्री मौजूद रहे।
ट्विटर पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया
दिल्ली -
— Gaurav Singh Sengar (@sengarlive) February 13, 2026
PM मोदी ने सेवा तीर्थ भवन का उद्घाटन किया !! pic.twitter.com/4pbaqsILz2
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नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में बनेगा संग्रहालय
PMO अभी साउथ ब्लॉक में है और नॉर्थ ब्लॉक में पहले गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय थे। इन दोनों को अब कर्तव्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। पूरी तरह खाली होने के बाद साउथ और नॉर्थ ब्लॉक दोनों को एक सार्वजनिक संग्रहालय में बदल दिया जाएगा, जिसका नाम 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' होगा। इसमें करीब 30,000 कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी और यह दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक होगा। आपने पूरा पढ़ लिया है।
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अब सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद एक जगह
सेवा तीर्थ परिसर 2.26 लाख वर्ग फुट में है। इस परिसर में सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3 इमारते हैं। सेवा तीर्थ-1 में PMO, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय होंगे। इन सभी कार्यालयों के अधिकारियों की PMO में रोजाना का आना-जाना होता है। अलग-अलग स्थान पर होने से समन्वय, लागत और अन्य दिक्कतें थीं। अब सभी महत्वपूर्ण कार्यालय एक परिसर में होंगे।
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कर्तव्य भवन 1 और 2 में कौन से कार्यालय होंगे?
कर्तव्य भवन -1 और 'कर्तव्य भवन-2 में नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में संचालित रक्षा और वित्त मंत्रालय को तो स्थानांतरित किया ही गया है। साथ ही, दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर बने विभिन्न भवनों में चल रहे मंत्रालयों को भी 'कर्तव्य भवन 1-2' में जगह दी गई है। इसमें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, कॉर्पोरेट मामलों, शिक्षा, संस्कृति, कानून और न्याय, सूचना और प्रसारण, कृषि और किसान कल्याण, रसायन और उर्वरक और जनजातीय मामले समेत आदि शामिल हैं।