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प्रधानमंत्री मोदी बोले- महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं करा पाया, इसके लिए माफी मांगता हूं
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया है

प्रधानमंत्री मोदी बोले- महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं करा पाया, इसके लिए माफी मांगता हूं

लेखन आबिद खान
Apr 18, 2026
09:10 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि आज हर नागरिक देख रहा है कि कैसे नारी शक्ति की उड़ान को रोका गया। प्रधानमंत्री ने कहा, "नारी शक्ति के सपनों को कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से माफी मांगता हूं। हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। कुछ लोगों के लिए दलहित सबकुछ हो जाता है, तो नारी शक्ति को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है।"

बयान

प्रधानमंत्री ने कहा- विधेयक किसी से कुछ छीन नहीं रहा था

प्रधानमंत्री ने कहा, "विधेयक किसी से कुछ छीन नहीं रहा था। ये तो हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 के चुनाव में नारी का हक देने का संशोधन था। ये नारी को नया अवसर, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। ये साफ नीयत और इमानदारी के साथ किया गया पवित्र प्रयास था।"

कांग्रेस

प्रधानमंत्री ने विपक्षी पार्टियों पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा, "कल जब विधेयक पारित नहीं हुआ तो कांग्रेस, DMK और समाजवादी जैसी पार्टियां खुश हो रही थीं। मेज थपथपा रही थी। नारी सबकुछ भूल सकती है, लेकिन अपना आत्मसम्मान नहीं भूल सकती। कल जब देश की नारी इन लोगों को देखेंगी, तो कहेंगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में नारी शक्ति का विरोध किया था। जिन्होंने कल संसद में इसका विरोध किया उनमें मैं कहूंगा कि ये लोग नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं।"

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राज्य

विपक्ष ने हमारे प्रयास की भ्रूण हत्या कर दी- प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने कहा, "ये संसद में सभी राज्यों को अधिक शक्ति और समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। राज्य छोटा हो, बड़ा हो, दक्षिण का हो, भारत का हो, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इस प्रयास की भ्रूण हत्या कर दी है। कांग्रेस, DMK, TMC जैसे दल इस के अपराधी है। ये देश की नारी शक्ति के अपराधी है। कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है। उसने हमेशा से षडयंत्र किए हैं।"

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विधेयक

विधेयक को नहीं मिला दो तिहाई बहुमत

सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 3 विधेयक लेकर आई थी। इनमें से एक संविधान संशोधन विधेयक था, जिस पर कल मतदान हुआ। विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 सांसदों ने वोट किया। विधेयक को पारित होने के लिए जरूरी सदन में मौजूद कुल सदस्यों के दो तिहाई वोट नहीं मिले। इसके बाद सरकार ने बाकी दोनों विधेयकों पर मतदान नहीं कराया। 12 साल में पहली बार सरकार किसी विधेयक को पारित नहीं करा पाई है।

पिछले संबोधन

कब-कब प्रधानमंत्री ने देश को किया संबोधित?

8 नवंबर, 2016: नोटबंदी की घोषणा। 8 अगस्त, 2019: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के 3 दिन बाद चर्चा। 19 मार्च, 2020: कोविड महामारी पर चर्चा। 24 मार्च, 2020: देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा। 14 अप्रैल, 2020: लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाया गया। 12 मई, 2020: आत्मनिर्भर भारत अभियान की घोषणा। 21 सितंबर, 2025: GST स्लैब में कटौती से जुड़ा ऐलान। 12 मई, 2025: 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा।

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