NEET घोटाले पर प्रधानमंत्री का एक्शन प्लान; फास्ट ट्रैक कोर्ट करेंगी न्याय, दोषियों पर कसेगा शिकंजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक घोटाले की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का सुझाव दिया है। यह सुझाव ऐसे वक्त में आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों को कांग्रेस, आप और शिव सेना (UBT) जैसे दलों का भी समर्थन मिला है। हालांकि, कुछ लोगों ने इस पर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि ये फास्ट-ट्रैक कोर्ट आमतौर पर यौन अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए ही बनाए जाते हैं।
विशेषज्ञों ने जांचकर्ताओं और गवाहों की सुरक्षा पर जोर दिया
पूर्व सुप्रीम कोर्ट के जज अभय एस ओका का मानना है कि इतने बड़े घोटाले को देखते हुए, जांचकर्ताओं और गवाहों को मजबूत सुरक्षा देना बेहद जरूरी है। कानूनी जानकारों का सुझाव है कि मौजूदा कानूनों में कुछ बदलाव किए जाएं या फिर अनुभवी जजों को ऐसे मामलों के लिए नियुक्त किया जाए।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि मामलों की सुनवाई लंबी न खिंचे। इन फास्ट-ट्रैक अदालतों का रिकॉर्ड भी काफी प्रभावी रहा है। साल 2000 से लेकर अब तक, इन अदालतों ने 3 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है। इनमें 2012 के दिल्ली के निर्भया कांड जैसे कई बड़े और गंभीर मामले भी शामिल हैं।