अंतरिक्ष में भारत की नई पहचान, प्रधानमंत्री मोदी ने की युवा टीम के विक्रम-1 की सराहना
स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद के स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस की जमकर तारीफ की। इस स्टार्टअप ने अंतरिक्ष में एक नया इतिहास रच दिया है। दरअसल, 18 जुलाई को स्काईरूट के विक्रम-1 रॉकेट ने पहली बार किसी भारतीय निजी कंपनी की तरफ से सैटेलाइट को अंतरिक्ष की कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाया। यह भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
भारत बना ऐसा करने वाला तीसरा देश
इस सफल लॉन्च के बाद भारत, अमेरिका और चीन जैसे उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां निजी कंपनियां भी अपनी तरफ से रॉकेट अंतरिक्ष की कक्षा में भेज सकती हैं। विक्रम-1 की पूरी डिजाइनिंग स्काईरूट की युवा टीम ने की थी, जिनकी औसत उम्र सिर्फ 28 साल है। इस रॉकेट में कार्बन कंपोजिट्स और 3D-प्रिंटेड इंजन जैसी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक नई सीमा बताया। उन्होंने कहा कि नए स्पेस रिफॉर्म्स की वजह से अब युवा इनोवेटर्स को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।