आज से शुरू हो गया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बहुप्रतीक्षित 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का उद्घाटन कर दिया है। सबसे पहले प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंचे, जहां उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड खंड पर वन्यजीव गलियारे की समीक्षा की। इसके बाद वे देहरादून पहुंचे और यहां स्थित मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह देहरादून का महत्वपूर्ण मंदिर है। उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस दौरान जगह-जगह उनके स्वागत के लिए लोग खड़े रहे।
उद्घाटन
2021 में लॉन्च की गई थी परियोजना
यह एक्सप्रेसवे करीब 12,000 करोड़ रुपये की परियोजना है, जिसमें दिल्ली से देहरादून का सफर 6 घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बागपत, बरौत, शामली और सहारनपुर से होकर गुजरता है। इसे 26 फरवरी, 2021 को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लॉन्च किया था। इस कॉरिडोर में 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज, 4 बड़े पुल और 12 वे-साइड सुविधाएं शामिल हैं।
खासियत
पर्यावरण के अनुकूल है एक्सप्रेसवे
एक्सप्रेसवे पर 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है। इसका उद्देश्य शिवारिक क्षेत्र में इंसान और जानवरों के टकराव को कम करना है। इस क्षेत्र में बाघ, हाथी, ग्रेट हॉर्नबिल और किंग कोबरा जैसे जीव हैं। जानवरों के आने-जाने के लिए 8 पास और हाथियों के लिए विशेष 2 अंडरपास भी बनाए गए हैं। एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) का उपयोग है।
चिंता
परियोजना के दौरान काटे गए थे 17,913 पेड़
यह परियोजना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी देता है, लेकिन इसके विकास ने कुछ गंभीर चिंता भी पैदा की हैं। परियोजना के दौरान करीब 17,913 पेड़ काटे गए और स्थानांतरित किए गए थे। इसके बदले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 50,600 पेड़ लगा रहा है। उसने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के वन विभागों को 40 करोड़ रुपये दिए हैंय़ मार्च 2025 में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने NHAI पर जुर्माना भी लगाया था।
टोल
एक्सप्रेस पर कितना लगेगा टोल?
इस 213 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर टोल को लेकर लोग अपनी जिज्ञासा दिखा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली से बागपत के खेकड़ा तक सफर करने के दौरान वाहनों चालकों को कोई टोल शुल्क नहीं देना होगा। इसके बाद काठा टोल पार करने पर टोल देना होगा। दिल्ली से काठा (बागपत) के बीच 235 रुपये, दिल्ली से रसूलपुर (सहारनपुर) तक 420 रुपये, दिल्ली से सैयद माजरा तक 530 रुपये और दिल्ली से देहरादून तक 675 रुपये देने होंगे।