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भारत-जापान में हुई कई समझौते, प्रधानमंत्री बोले- दोनों देशों की साझेदारी का नया अध्याय शुरू
प्रधानमंत्री मोदी और जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई

भारत-जापान में हुई कई समझौते, प्रधानमंत्री बोले- दोनों देशों की साझेदारी का नया अध्याय शुरू

लेखन आबिद खान
Jul 02, 2026
02:11 pm

क्या है खबर?

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची अपने पहले भारत दौरे पर हैं। आज राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद हैदराबाद हाउस में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों देशों में कई अहम समझौते हुए। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत और जापान के बीच सिर्फ आर्थिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा हितों का भी मजबूत रिश्ता है।"

समझौते

दोनों देशों में हुए ये समझौते

दोनों देशों ने कई सहयोग ज्ञापन (MoC) का आदान-प्रदान किया, जिसमें व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने और अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई गई। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, फार्मास्युटिकल, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सप्लाई चेन, निवेश और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

परियोजना

भारत-जापान ने पहली रक्षा सह-विकास परियोजना पर हस्ताक्षर किए

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और जापान ने अपनी पहली रक्षा सह-विकास परियोजना पर हस्ताक्षर किए हैं, जो द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग में एक नए चरण की शुरुआत है। उन्होंने कहा, "हम संयुक्त रूप से रक्षा प्रौद्योगिकियों का विकास करेंगे, जो क्षेत्रीय शांति, समुद्री सुरक्षा और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में योगदान देंगी।" उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में भारत और जापान के बीच लगभग 120 नए व्यापारिक समझौते हुए हैं।

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बयान

प्रधानमंत्री ने ताकाइची को 'छोटी बहन' कहा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "प्रधानमंत्री तकाइची, मेरी छोटी बहन का मैं स्वागत करता हूं। भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए उनकी पहली भारत यात्रा पर मुझे बेहद खुशी है। G-7 शिखर सम्मेलन में मैंने कहा था कि वैश्विक उथल-पुथल के दौर में आपसी विश्वास हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है। मुझे गर्व है कि भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर खरी उतरती है।" प्रधानमंत्री ने ताकाइची की यात्रा को दोनों देशों की साझेदारी में नए अध्याय की शुरुआत बताया।

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ताकाइची का बयान

ताकाइची बोलीं- 3 क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर बनी सहमति

ताकाइची ने कहा, "दोनों देशों को अपनी-अपनी शक्तियों का लाभ उठाकर एक साथ अधिक मजबूत और समृद्ध बनना चाहिए, खासकर बढ़ते वैश्विक अनिश्चितता के दौर में। हम रणनीतिक संबंधों को गहरा करने सहित सहयोग के 3 क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर सहमत हुए हैं। दोनों देश समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करेंगे और हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे।"

पहल

10 सालों में 10 ट्रिलियन येन निवेश का रखा लक्ष्य

भारत ने अगले 10 सालों में जापान से 10 ट्रिलियन येन के निवेश का लक्ष्य घोषित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने गोवर्धन पहल कार्यक्रम के तहत भारत-जापान बायोगैस पहल शुरू करने की घोषणा की। इससे देश में बायोगैस संयंत्रों की स्थापना में मदद मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा पर एक संयुक्त रोडमैप तैयार किया है। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना है।

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