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भारत और फ्रांस मिलकर स्वास्थ्य और डिजिटल विज्ञान क्षेत्र के लिए AI केंद्र स्थापित करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो ने मुंबई के लोकभवन में मुलाकात की

भारत और फ्रांस मिलकर स्वास्थ्य और डिजिटल विज्ञान क्षेत्र के लिए AI केंद्र स्थापित करेंगे

लेखन गजेंद्र
Feb 17, 2026
05:55 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो ने मुंबई में मंगलवार को द्विपक्षीय बैठक के बाद रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने कुल 21 समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो रक्षा से लेकर अंतरक्षि और क्लीन एनर्जी तक हैं। इस समझौते को उन्होंने 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' का नाम दिया है। भारत फ्रांस के साथ मिलकर स्वास्थ्य, डिजिटल विज्ञान, प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में AI केंद्र खोलेगा। फ्रांस भी ट्रांजिट वीजा खत्म करने का प्रयास करेगा।

संबोधन

विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के रूप में संबंध स्थापित कर रहे- मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत और फ्रांस के संबंध बहुत विशेष हैं। फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक सहयोगी में एक है। राष्ट्रपति मैंक्रो के साथ मिलकर हमने इस रणनीतिक समझौते को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है। इस विश्वास और साझा विजन के आधार पर हम आज अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह केवल रणनीतिक समझौता नहीं बल्कि वैश्विक उथल-पुथल भरे युग में वैश्विक स्थिरता और वैश्विक प्रगतिशील समझौता है।"

बयान

EU के साथ समझौता फ्रांस के साथ संबंधों में गति लाएगा- मोदी

मोदी ने कहा, "हमें गर्व है कि भारत-फ्रांस मिलकर माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भरने वाला विश्व का एकमात्र हेलीकॉप्टर भारत में बनाएंगे और ये पूरे विश्व को विशेषज्ञता भी देंगे। कुछ दिन हमने यूरोपीय संघ (EU) के साथ सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौता किया, जो फ्रांस के साथ संबंधों में गति लाएगा। हम डिफेंस, क्लीन ऊर्जा, अंतरिक्ष, नई तकनीक, हर क्षेत्र में अपने उद्योग और इनोवेटर को जोड़ेंगे। स्टार्टअप और MSME के बीच मजबूत नेटवर्क बनाएंगे।"

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बयान

फ्रांस के साथ मिलकर AI केंद्रों की स्थापना की जाएगी

मोदी ने आगे कहा, "हम महत्वपूर्ण खनिजों, बायोटेक्नोलॉजी और उन्नत सामग्री में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। हम इंडो-फ्रांस AI स्वास्थ्य केंद्र, डिजिटल साइंस और टेक्नोलॉजी, राष्ट्रीय अंतरिक्ष कौशल केंद्र लॉन्च करने जा रहे हैं। आज दुनिया अनिश्चितता से गुजर रही है। ऐसे में भारत-फ्रांस पार्टनरशिप वैश्विक स्थिरता को बल देने वाली है। हम अंतराष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठबंधन, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर और संयुक्त विकास परियोजना से मानव विकास सुनिश्चित करेंगे। हम फ्रांस में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र खोलेंगे।"

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बयान

साझेदारी को रणनीतिक साझेदारी में बदलेंगे- मैंक्रो

राष्ट्रपति मैंक्रो ने कहा, "भारत-फ्रांस के संबंध अभूतपूर्व और सबसे अलग हैं। हमने आज ये निर्णय लिया है कि हम साझेदारी को रणनीतिक साझेदारी में बदलेंगे और नई दिशा देंगे। हम इस संबंध में भरोसा रखते हैं। हर साल...हमने कई नए रास्ते बनाए हैं। उदाहरण के लिए, चाहे वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र हो या प्रौद्योगिकी हो। हमने अपने MSME और स्टार्टअप के लिए कुछ नए उद्देश्य रखे हैं। हम तकनीक स्थानांतरण पर काम कर रहे हैं।"

समर्थन

ट्रांजिट वीजा को खत्म करने का प्रयास करेंगे- मैंक्रो

मैंक्रो ने आगे कहा, "जुलाई में हम फ्रांस में एक शिखर सम्मेलन आयोजित करेंगे, जिसमें भारत को आमंत्रित किया है। परमाणु ऊर्जा और MSME समेत अन्य परियोजनाओं पर भारत का समर्थन करने का निर्णय लिया है। हम एक कॉमन रोडमैप पर काम कर रहे हैं ताकि वैश्विक चुनौतियों से निपट सकें। हमने कुछ क्षेत्रों को चिन्हित किया है, जिसमें काम करके संबंधों में तेजी ला सकते हैं। हम ट्रांजिट वीजा को भी खत्म करने पर काम करेंगे।"

बयान

G-7 शिखर सम्मेलन के लिए मोदी को आमंत्रण

मैंक्रो ने कहा, "हमें रचनात्मक क्षेत्र में भी आगे आना चाहिए। हम EU-भारत के बीच में जो समझौता हुआ है, उसे जल्द से जल्द आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं। हम विविधता का सम्मान करते हैं और विश्व विविधता से भरा है। हम चाहते हैं एल्गोरिदम निष्पक्ष हो। हम यूक्रेन-रूस युद्ध को रोकने पर साथ काम करने और आतंकवाद के खिलाफ साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताते हैं। हमने प्रधानमंत्री मोदी को G-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया है।"

ट्विटर पोस्ट

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैंक्रो का संयुक्त बयान

समझौता

विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी से क्या होगा फायदा?

भारत-फ्रांस ने विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को उन्नत करने फैसला किया है, जिससे द्विपक्षीय साझेदारी आगे बढ़ेग और लोगों की शांति, समृद्धि और प्रगति में अधिक योगदान दिया जाएगा। रोडमैप होराइजन 2047 पर काम होगा। साथ ही, हर साल विदेश मंत्रियों के बीच समझौते की प्रगति जांचने के लिए बैठक होगी। यह साझेदारी शिक्षा, कौशल विकास, मोबिलिटी पर आधारित है। भारत-फ्रांस ने इनोवेशन वर्ष की शुरुआत की है, जिससे स्टार्टअप फ्रांस के रिसर्च ईकोसिस्टम तक पहुंच सकेंगे।

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