भारत-UAE के बीच मजबूत हो रही साझेदारी, समंदर में पाइपलाइन बिछाने की कर रहे तैयारी
भारत लगातार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ अपनी साझेदारी मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में वह इस बात की संभावनाएं तलाश रहा है कि UAE तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का एक और भी महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बन जाए। ये गैसें देश की ऊर्जा आपूर्ति को लगातार मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि गैस के परिवहन को और भी आसान और भरोसेमंद बनाने के लिए दोनों देश सबसी पाइपलाइन बिछाने पर भी विचार कर रहे हैं।
UAE की नजर स्पेस स्टार्टअप, बंदरगाह और जहाज निर्माण पर
UAE सिर्फ भारत के ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में ही सहयोग नहीं कर रहा, बल्कि वह स्पेस, स्टार्टअप, बंदरगाह और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर तलाश रहा है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। UAE में भारत के UPI पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। गोयल ने बताया कि UAE एक भरोसेमंद सहयोगी होने के नाते, दोनों देश भारत में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बढ़ाने पर मिलकर काम कर रहे हैं। यह कदम ऐसे समय में और भी जरूरी हो जाता है जब वैश्विक घटनाएं सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखलाओं) को लगातार प्रभावित कर रही हैं।