पीयूष गोयल ने दिया ऊर्जा स्वतंत्रता का मंत्र, अमेरिका को याद दिलाई रूस से अपनी खरीदारी
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के उस फैसले पर अपनी बात रखी, जिसमें रूस के तेल पर आने वाले दिनों में दंडात्मक टैरिफ लगाने की उम्मीद है। उन्होंने साफ कहा कि भारत अपने फैसलों पर अडिग है।
गोयल ने भारत को एक 'स्वाभिमानी देश' बताते हुए जोर देकर कहा कि हमारे देश की रिफाइनरियां मध्य-पूर्व और रूसी कच्चे तेल के हिसाब से बनी हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत अमेरिका से भी काफी तेल और गैस खरीदता है। यह दर्शाता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरुरतों के लिए कई रास्ते खुले रख रहा है।
गोयल ने रूसी आयात का हवाला दिया, भारत की तारीफ की
गोयल ने यह बात कहने से भी गुरेज नहीं किया कि यूरोपीय संघ (EU) भी अभी तक रूस से गैस खरीद रहा है और अमेरिका भी रूस से यूरेनियम लेता है। ऐसे में, सिर्फ भारत ही इन स्रोतों पर निर्भर नहीं है।
उन्होंने भारत की इस बात के लिए तारीफ की कि दुनिया भर में मची उथल-पुथल के बावजूद देश में ईंधन की कोई कमी नहीं हुई। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि घरेलू हालात स्थिर रखने के लिए सरकार ने टैक्स कम किए और खाद पर होने वाले ज्यादातर खर्च को भी खुद वहन किया।