केजरीवाल के लीक कोर्ट वीडियो पर PIL, लगाए गए साजिश के गंभीर आरोप
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक जनहित याचिका (PIL) का सामना कर रहे हैं। यह याचिका 13 अप्रैल को हुई एक कोर्ट सुनवाई के वीडियो की कथित तौर पर बिना इजाजत रिकॉर्डिंग और उसे सोशल मीडिया पर फैलाने के मामले में दाखिल की गई है। यह मामला दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा है। वीडियो में कथित तौर पर दिख रहा है कि केजरीवाल एक जज से मामले से खुद को अलग करने (रेक्यूजल) की मांग कर रहे हैं। जबकि कोर्ट की अनुमति के बिना इसे रिकॉर्ड या शेयर नहीं किया जा सकता।
PIL में साजिश का आरोप, वीडियो हटाने की मांग
याचिका में दावा किया गया है कि अरविंद केजरीवाल, कुछ राजनीतिक नेता और पत्रकार रवीश कुमार ने मिलकर एक साजिश की, जिसका मकसद इस वीडियो को लीक करके न्यायपालिका की छवि खराब करना था। याचिका के मुताबिक, कोर्ट की कार्यवाही को बिना इजाजत रिकॉर्ड करना 2025 में बने नए नियमों का उल्लंघन है। 15 अप्रैल को गूगल और मेटा को शिकायत दर्ज कराने के बाद भी वीडियो अब भी ऑनलाइन दिख रहे हैं। याचिका में इसमें शामिल लोगों के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से उस वीडियो को तुरंत हटाने की अपील की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह के वीडियो लीक होने से न्याय प्रणाली में जनता का भरोसा कम होता है।