गैस सिलेंडर किल्लत के बीच घरेलू LPG उत्पादन 30 प्रतिशत बढ़ा, बुकिंग 75 लाख तक पहुंची
क्या है खबर?
पश्चिमी एशिया में तनाव के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि खाना पकाने वाली रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) के घरेलू उत्पादन में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि घरेलू उपयोग के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी LPG आपूर्ति होगी।
आपूर्ति
पिछले कुछ दिनों में 75 लाख तक पहुंच गई गैस सिलेंडर की बुकिंग
अधिकारी ने बताया कि देश में रोजाना सिलंडर की बुकिंग 50-55 लाख तक होती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों यह अचानक से 75 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश के तहत, घरेलू पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की आपूर्ति बिना किसी कटौती के सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि घबराएं नहीं और डीलर के पास जाकर लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं है। मोबाइल से ही बुकिंग होगी।
आपूर्ति
घबराने की जरूरत नहीं, कमर्शियल सिलेंडर आपूर्ति में कुछ दिक्कत
मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बार फिर उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि LPG की आपूर्ति में कोई संकट नहीं है, इसलिए संभावित व्यवधानों की आशंकाओं के बीच घबराहट में बुकिंग न करें। शर्मा ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और आपूर्ति बनाए रखी जा रही है। अस्पतालों को भी आपूर्ति हो रही है। कमर्शियल सिलेंडर के लिए कुछ कठिनाई है। हालांकि, व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील हैं कि वे PNG कनेक्शन के लिए सिटी गैस वितरण (CGD) डीलर संपर्क करें।
उत्पादन
देश को पेट्रोल-डीजल के आयात की जरूरत नहीं
अधिकारी ने बताया कि हमारे पास 25.8 करोड़ मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है। भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं, इसलिए देश में इनका आयात करने की कोई जरूरत नहीं है। अधिकारी ने बताया कि हमारी सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत या उससे ज़्यादा क्षमता पर काम कर रही हैं और रिफाइनरियों के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और इसकी आपूर्ति भी लगातार बनी हुई है। LPG उत्पादन भी 30 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
केरोसीन
फिर से केरोसीन बांटेगा मंत्रालय, होटलों-रेस्तरां को कोयला मिलेगा
मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है। राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि वे अपने जिलों के भीतर वितरण के लिए विशिष्ट स्थानों की पहचान करें। इसके अलावा, वैकल्पिक ईंधन विकल्पों के तहत कोल इंडिया ने आदेश जारी किया है ताकि छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं जैसे होटल-रेस्तरां और आतिथ्य ग्राहकों को कोयला मिले। साथ ही, राज्य सरकारों से प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल सिलेंडर लक्षित उपभोक्ताओं तक पहुंचाने को कहा है।
ट्विटर पोस्ट
पेट्रोलियम मंत्रालय की अधिकारी ने जानकारी दी
▪️ As far as crude oil is concerned, we have 258 million metric tonnes of refining capacity. We are self sufficient in the production of petrol and diesel, therefore there is no need to import the same into the country
— PIB India (@PIB_India) March 13, 2026
▪️ All or refineries are operational at a capacity of 100%… pic.twitter.com/dOKW8PS8uo