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पश्चिम एशिया संकट के बीच कतर गए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, कितना अहम है दौरा?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी 2 दिन के कतर दौरे पर हैं

पश्चिम एशिया संकट के बीच कतर गए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, कितना अहम है दौरा?

लेखन आबिद खान
Apr 09, 2026
04:19 pm

क्या है खबर?

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी आज से 2 दिन के कतर दौरे पर हैं। ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट के लिहाज से उनका ये दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल और लगभग आधी LNG अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात करता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। आइए पुरी के दौरे की अहमियत समझते हैं।

चर्चा

किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुरी अपने दौरे के दौरान LNG की आपूर्ति पर चर्चा कर सकते हैं। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, पुरी कतर से सप्लाई में तेजी लाने और LNG के मामले में भारत को प्राथमिकता देने के लिए कह सकते हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यात्रा के बारे में जानकारी दी है, लेकिन एजेंडे को लेकर ज्यादा कुछ नहीं बताया गया है।

कतर

कतर से आता है भारत के कुल LNG आयात का 40 प्रतिशत हिस्सा

NDTV से बात करते हुए तेल अर्थशास्त्री किरित पारिख ने बताया कि भारत अपनी LNG का 50 प्रतिशत हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात करता है। इसमें से 40 प्रतिशत हिस्सा कतर से आता है। कतर सरकार द्वारा प्राकृतिक गैस उत्पादन के बड़े प्लांट बंद किए जाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आने के कारण भारत का आयात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसकी भरपाई के लिए सरकार ने नए बाजारों और रास्तों से गैस का आयात शुरू किया है।

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नुकसान

ईरानी हमलों में कतर के LNG संयंत्रों को भारी नुकसान

कतरएनर्जी के CEO साद अल-काबी के अनुसार, ईरान के हमलों से कतर का बुनियादी गैस ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है, जिससे LNG निर्यात क्षमता का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है। कतर की 14 LNG ट्रेनों में से 2 पर और उसकी दो गैस-टू-लिक्विड (GTL) सुविधाओं में से एक पर हुए हमलों के कारण सालाना 12.8 मिलियन टन LNG उत्पादन ठप हो गया है। इसकी मरम्मत में 3 से 5 साल का समय लग सकता है।

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चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर से की थी बात

पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बात की थी और ऊर्जा ढांचों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस तरह के हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को भी बाधित कर सकते हैं। एक बयान में कहा गया था कि दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही के अपने साझा रुख को दोहराया।

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