तेल कंपनियों को हुआ 600 करोड़ का नुकसान, जानिए कब तक स्थिर रहेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम
देश में गुरुवार (28 मई) को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस महीने की शुरुआत में 4 बार में कीमतों में 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा चुकी है।इसके बावजूद दिल्ली में ईंधन की खुदरा कीमतें अभी भी तेल कंपनियों की कीमत से करीब 13 रुपये कम हैं। दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं और पश्चिम एशिया में भी तनाव बना हुआ है। ऐसे में आशंका है कि जल्द ही कीमतें और बढ़ सकती हैं।
OMC को रोजाना 600 करोड़ रुपये का नुकसान
देश के अलग-अलग शहरों में कीमतों में कुछ बदलाव देखने को मिला। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 प्रति लीटर, कोलकाता में 113.47 और मुंबई में 111.18, चेन्नई में 107.77 और जयपुर में 112.98 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। हाल की बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जो पहले करीब 1,000 करोड़ रुपये था। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो ये घाटे 2025 के मुनाफे को पूरी तरह खत्म कर सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।