पानी के लिए तरसाएगा AI? आंध्र-ठाणे में डेटा सेंटर के खिलाफ प्रदर्शन
बड़े टेक प्रोजेक्ट्स का आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोग 2 बड़े डेटा सेंटरों के पर्यावरणीय असर को लेकर चिंतित हैं। आंध्र प्रदेश में गूगल से जुड़ी एक कंपनी करीब 601 एकड़ में एक बड़ा AI हब बना रही है। वहीं ठाणे में अमेजन 7,203.29 करोड़ रुपये की लागत से एक सुविधा तैयार कर रहा है।
लोगों का कहना है कि इन प्रोजेक्ट्स से पानी की किल्लत और बढ़ सकती है, साथ ही समुदाय के साथ पर्याप्त चर्चा भी नहीं की गई है।
कार्यकर्ताओं की चेतावनी- डेटा सेंटर संसाधनों के लिए खतरा
कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये डेटा सेंटर स्थानीय पानी और बिजली संसाधनों पर बहुत ज्यादा दबाव डाल सकते हैं, खासकर सूखे के दौरान। इनसे आस-पास के जंगलों और वन्यजीवों को भी खतरा पैदा हो सकता है।
ठाणे में लोग अमेजन के इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं कि उनके कूलिंग सिस्टम से पीने के पानी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अधिकारियों और कंपनियों से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच, लोग मांग कर रहे हैं कि स्थानीय संसाधनों और खेती को बचाने के लिए आगे बढ़ने से पहले इन प्रोजेक्ट्स की कड़ी जांच की जाए।