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नरवणे की किताब को लेकर प्रकाशक पेंगुइन इंडिया का बयान, कहा- कोई प्रति बेची नहीं गई
जनरल नरवणे की किताब को लेकर प्रकाशक पेंगुइन इंडिया ने बयान जारी किया

नरवणे की किताब को लेकर प्रकाशक पेंगुइन इंडिया का बयान, कहा- कोई प्रति बेची नहीं गई

लेखन गजेंद्र
Feb 10, 2026
10:00 am

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच चीनी घुसपैठ के समय हुई बातचीत को पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की किताब में छापने से विवाद बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा किताब की प्रति संसद परिसर में दिखाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने अनधिकृत बिक्री को लेकर मामला दर्ज किया है। इसके बाद किताब के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से बयान आया है।

बयान

प्रकाशक पेंगुइन इंडिया ने क्या कहा?

पेंगुइन में एक्स पर साझा बयान में कहा, "जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' पर पब्लिक चर्चा और मीडिया रिपोर्टिंग को देखते हुए यह साफ करना चाहते हैं कि नरवणे के संस्मरण पर लिखी किताब के प्रकाशन अधिकार सिर्फ हमारे पास हैं। किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। पेंगुइन ने किताब की कोई भी कॉपी प्रिंट या डिजिटल फ़ॉर्म में प्रकाशित, बांटी, बेची या किसी और तरह से पब्लिक के लिए उपलब्ध नहीं कराई है।"

बयान

बिना इजाजत प्रसार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे- पेंगुइन

पेंगुइन ने आगे लिखा, "किताब की कोई भी प्रति जो अभी प्रसार में है, चाहे वह पूरी हो या कुछ, चाहे प्रिंट, डिजिटल, PDF, या किसी और फॉर्मेट में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर, पेंगुइन के कॉपीराइट का उल्लंघन माना जाएगा और उसे तुरंत बंद कर देना चाहिए। पेंगुइन किताब के गैर-कानूनी और बिना इजाजत प्रसार के खिलाफ कानून में मौजूद तरीकों का इस्तेमाल करेगा। बयान प्रकाशक की बात रिकॉर्ड पर रखने के लिए जारी किया गया है।"

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मुकदमा

दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया है मुकदमा

दिल्ली पुलिस ने पुस्तक की अप्रकाशित प्रति के कथित वितरण के संबंध में FIR दर्ज की है, जिसके बाद पेंगुइन ने बयान जारी किया है। पुलिस ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया और ऑनलाइन मंचों पर मिली उन रिपोर्टों का संज्ञान लिया है, जिनमें दावा है कि किताब का एक पूर्व-मुद्रित संस्करण सक्षम अधिकारियों से अनिवार्य मंजूरी के बिना साझा हुआ है। जांच में प्रकाशक द्वारा टाइप की हुई पुस्तक की PDF कुछ वेबसाइटों पर कवर के साथ मिली है।

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विवाद

किताब को लेकर क्या है विवाद?

जनरल नरवणे ने आत्मकथा 'फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी' में डोकलाम विवाद और गलवान घाटी के दौरान हुई घटनाओं, निर्णयों और राजनीतिक-सैन्य स्तर की चर्चाओं का जिक्र किया है। किताब अभी सरकार की अनुमति न मिलने से प्रकाशित नहीं हुई। हालांकि, किताब का अंश और नरवणे की बातचीत को 'द कारवां' पत्रिका ने प्रकाशित किया है। किताब में नरवणे, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री की बातचीत का जिक्र है, जिसे राहुल गांधी ने संसद में उठाया है, जिसके बाद से हंगामा हो रहा है।

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