दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों में अब नहीं होगा पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन का इस्तेमाल
क्या है खबर?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन में भीड़ नियंत्रण को लेकर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की आंतरिक समीक्षा में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। इसके बाद एक बड़ा और कड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली में तैनात सुरक्षाबलों द्वारा पैलेट गन, एंटी-रयॉट गन (ARG) और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन और इलेक्ट्रिक शील्ड जैसे हथियारों के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह आदेश आगामी निर्देशों तक लागू रहेगा।
आदेश
किसने और क्या दिए हैं आदेश?
न्यूज18 के अनुसार, एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि यह आदेश RAF की महानिरीक्षक (IG) सीमा धुंडिया की अध्यक्षता में 22 जुलाई को आयोजित एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक के बाद दिए गए हैं। उस बैठक में RAF के 30 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे।
IG धुंडिया ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान बल के प्रदर्शन पर गंभीर असंतोष व्यक्त किया है। इस बैठक के बाद कुल 26 सुधारात्मक उपाय लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
योजना
आदेशों में क्या-क्या हैं शामिल?
नए आदेशों में दिल्ली में प्रदर्शनों में प्रोजेक्टाइल अटैक गन (PAG), ARG, इलेक्ट्रिक शॉक बैटन और इलेक्ट्रिक शील्ड्स के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है।
अब से हर ऑपरेशन के दौरान जवानों के लिए 'बॉडी वॉर्न कैमरा' पहनना अनिवार्य होगा ताकि पूरी कार्रवाई की पारदर्शिता बनी रहे।
इसी तरह किसी भी बड़ी घटना या टकराव की स्थिति में साक्ष्य के तौर पर समर्पित फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाएगी, जिससे विवाद से बचा जा सके।
नियम
भीड़ नियंत्रण के लागू किए गए हैं नए नियम
IG धुंडिया ने भविष्य में प्रदर्शनों के दौरान भीड़ नियंत्रण का प्रशिक्षण लेने वाले RAF कर्मियों को ही तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
कर्मचारियों की कमी के कारण गैर-प्रशिक्षित जवानों को पूरी तरह संवेदनशील बनाने के बाद ही तैनात किया जा सकेगा।
इसी तरह जम्मू-कश्मीर जैसे आतंकवाद-विरोधी माहौल से तबादला होकर आए जवानों को तब तक सीधे भीड़ नियंत्रण में नहीं लगाया जाएगा। उन्हें पहले भीड़ नियंत्रण का प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा।
बल
बल प्रयोग में अपनानी होगी यह प्रक्रिया
IG धुंडिया ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बल प्रयोग की आवश्यकता होने पर कार्रवाई से पहले भीड़ की प्रकृति का आकलन करेंगे, उसके बाद चेतावनी जारी करेंगे और केवल स्वीकृत तरीकों से ही क्रमबद्ध तरीके से बल प्रयोग करेंगे।
IG ने यह भी निर्देश दिया है कि अनावश्यक या अनुपातहीन बल का प्रयोग कभी नहीं किया जाना चाहिए। भविष्य में निर्देशों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कारण
क्या रहे हैं प्रतिबंध के कारण?
RAF की आंतरिक जांच और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में सुरक्षाबलों के संचालन में गंभीर कमियां सामने आई हैं।
इनमें भीड़ से अलग हट चुके या पीछे हट रहे प्रदर्शनकारियों पर भी लाठियां बरसाना, जवानों द्वारा लोगों को जानबूझकर जमीन पर धकेलने और बैरिकेड्स के बाहर खड़े व्यक्तियों पर भी हमला करना, अनिवार्य सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर के बिना ही भीड़ से भिड़ना और भीड़ नियंत्रण में RAF मानकों का उल्लंघन करना शामिल है।
जानकारी
ब्रीफिंग की कमी भी आई सामने
समीक्षा के दौरान यह बात भी सामने आई है कि मैदान पर तैनात किए जाने से पहले कई जवानों को उनकी ड्यूटी और स्थिति के बारे में उचित दिशा-निर्देश या ब्रीफिंग नहीं दी गई थी, जिससे जमीनी स्तर पर भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
भविष्य
अब भविष्य के विरोध प्रदर्शनों में क्या होगा?
RAF के नए आदेश के बाद दिल्ली में सुरक्षाबलों का रवैया प्रदर्शनकारियों के प्रति अधिक संयमित और नियमबद्ध होने की उम्मीद है।
कमांडेंट स्तर के अधिकारियों को तैनाती से पहले जवानों को पूरी जानकारी देने और ड्यूटी के बाद उनकी समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
इसी तरह बॉडी कैमरों और आधिकारिक वीडियोग्राफी के कारण अब सोशल मीडिया पर एकतरफा वीडियो वायरल होने की प्रवृत्ति पर भी रोक लग सकेगी।
इसके अलावा प्रदर्शन में घायलों की संख्या भी कम होगी।