पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष को मिलेगा 47 साल पुराना जमीन का मुआवजा
पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के हक में फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि उन्हें पटना के मैनपुरा में मौजूद 0.56 एकड़ जमीन का मुआवजा आखिरकार मिलना चाहिए।
इस जमीन को बिहार सरकार ने 1976 में एक जल निकासी परियोजना के लिए अधिग्रहित किया था, लेकिन न तो मीरा कुमार और न ही उनकी मां को कभी इसका मुआवजा मिला।
इसके साथ ही, अदालत ने जिला कलेक्टर के 2023 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें जमीन के राजस्व रिकॉर्ड या जमाबंदी को खत्म कर दिया गया था।
न्यायाधीश ने इंद्राणी देवी के जमीन के रिकॉर्ड बहाल किए
जस्टिस खातिम रजा ने मीरा कुमार की दिवंगत मां इंद्राणी देवी के नाम पर जमीन के रिकॉर्ड फिर से बहाल कर दिए। उन्होंने रजिस्टर्ड बैनामे (बिक्री विलेख) के जरिए उनकी मिल्कियत की पुष्टि की।
न्यायाधीश ने साफ तौर पर कहा कि जिला कलेक्टर ने भूमि सुधार कानूनों का गलत इस्तेमाल किया और यह भी स्पष्ट किया कि केवल सर्वे के रिकॉर्ड से यह तय नहीं होता कि जमीन का असली मालिक कौन है। चूंकि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि यह संपत्ति कभी राज्य को हस्तांतरित की गई थी, इसलिए अब मौजूदा कानून के तहत मीरा कुमार आधिकारिक रूप से उचित मुआवजे की हकदार हैं।