Loading...
पाकिस्तानी जहाज की भारतीय नौसेना पोत से हुई टक्कर, भारत ने राजनयिक को तलब किया
समुद्र में भारत और पाकिस्तान के जहाजों की टक्कर को लेकर विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है (फाइल तस्वीर)

पाकिस्तानी जहाज की भारतीय नौसेना पोत से हुई टक्कर, भारत ने राजनयिक को तलब किया

लेखन आबिद खान
Sep 16, 2026
01:29 pm

क्या है खबर?

अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पाकिस्तान की नौसेना के एक जहाज और भारतीय नौसेना के एक पोत के बीच टक्कर होने के बाद भारत ने बड़ा कदम उठाया है। भारत ने विरोध दर्ज कराने के लिए दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी को तलब कर समुद्र में पाकिस्तानी नौसेना इकाइयों के 'अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण' को उजागर किया, जिसके कारण यह टक्कर हुई। हालांकि, इस घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

बयान

विदेश मंत्रालय बोला- पाकिस्तानी नौसेना के गैर-पेशेवर व्यवहार पर कड़ा विरोध जताया

विदेश मंत्रालय ने कहा, "आज नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के 'चार्ज डी अफेयर्स' को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया। उनसे समुद्र में पाकिस्तानी नौसेना की इकाइयों के उस अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर व्यवहार पर कड़ा विरोध जताया गया, जिसके कारण भारतीय नौसेना की एक इकाई के साथ टक्कर हुई। उनसे कहा गया कि वे संबंधित पाकिस्तानी अधिकारियों तक यह बात पहुंचाएं कि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए सभी सैन्य इकाइयों को उचित सावधानी बरतनी चाहिए।"

घटना

कब और कहां हुई जहाजों की टक्कर?

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, 15 सितंबर की शाम को उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज के बीच टक्कर हुई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी जहाज एक नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत के पास बेहद करीब तेज गति से आया और उसने गैर-पेशेवर और असुरक्षित तरीके से हरकतें कीं। इसके कारण टक्कर हो गई। सूत्रों के अनुसार, किसी नुकसान की खबर नहीं है।

ADVERTISEMENT

समझौता

भारत बोला- ये 1991 में हुए समझौते का उल्लंघन

भारत ने कहा कि पाकिस्तानी जहाज का यह कदम अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के अनुच्छेद 10 का उल्लंघन है।

इस समझौते में सैन्य अभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की पहले से जानकारी देने के साथ-साथ समुद्र में नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों की आवाजाही के नियम हैं।

नियमों के मुताबिक, दोनों देशों के नौसैनिक जहाज एक-दूसरे के 5.56 किलोमीटर के दायरे में नहीं आ सकते।

ADVERTISEMENT

पिछले विवाद

पहले भी हो चुका है विवाद

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2011 में MV स्वेज मामले को लेकर भी इसी तरह का राजनयिक विवाद खड़ा हो गया था।

तब नौसेना प्रमुख एडमिरल निर्मल वर्मा ने कहा था कि पाकिस्तानी युद्धपोत PNS बाबर जरूरत से ज्यादा करीब आ गया था, जिससे INS गोदावरी पर लगा हेलिकॉप्टर नेट क्षतिग्रस्त हो गया था।

उस दौरान भी भारतीय चालक दल ने बहुत पेशेवर तरीके से काम किया था।

ADVERTISEMENT