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पाकिस्तानी ISI के निशाने पर नाबालिग, किशोरों से करवा रही भारत में जासूसी- रिपोर्ट
पाकिस्तान की ISI जासूसी के लिए किशोरों का इस्तेमाल कर रही है

पाकिस्तानी ISI के निशाने पर नाबालिग, किशोरों से करवा रही भारत में जासूसी- रिपोर्ट

लेखन आबिद खान
Jan 07, 2026
12:52 pm

क्या है खबर?

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (ISI) की भारत को लेकर एक और नापाक योजना सामने आई है। व्हाइट कॉलर मॉड्यूल के बाद भारत में जासूसी के लिए ISI किशोरों को अपना निशाना बना रही है। ISI नाबालिगों को फंसाकर और उनका ब्रेनवॉश कर अपने लिए जासूसी करवा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की नजर में कम से कम ऐसे 37 किशोर हैं, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। शक है कि ISI ने इन्हें जासूसी के लिए फंसाया है।

रिपोर्ट

जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब के किशोर 

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां पंजाब और हरियाणा के 12 और जम्मू-कश्मीर के 25 किशोरों पर नजर रख रही है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले से एक 15 साल के लड़के की गिरफ्तारी के बाद इस किशोर जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पता चला है कि यह किशोर पाकिस्तान स्थित एजेंसियों और हैंडलर्स के संपर्क में था। बता दें कि ISI भारत में अस्थिरता फैलाने के लिए अक्सर ऐसी गतिविधियां करती रहती हैं।

अधिकारी

अधिकारी बोले- हैंडलर्स ने किशोरों का फोन क्लोन किया

पठानकोट के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने NDTV को बताया कि गिरफ्तार किया गया किशोर आतंकी समूहों के फ्रंटल संगठनों और ISI-आधारित एजेंसियों और उनके हैंडलर्स के संपर्क में था। अधिकारी ने कहा, "उसे पाकिस्तान स्थित एजेंसियों ने फंसाया था। उनके निर्देशों के आधार पर उसने भारतीय सेना के संवेदनशील ठिकानों की वीडियो बनाई। किशोर का फोन क्लोन किया गया था, जिससे हैंडलर्स उसकी गतिविधियों पर रियल टाइम में नजर रख सकते थे।"

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कार्यप्रणाली

कैसे काम करते थे किशोर?

पुलिस को पता चला कि कई नाबालिगों को ISI ने ऑनलाइन गुमराह किया था। कम प्रचलित ऐप्स का इस्तेमाल कर पहले इन नाबालिगों का ब्रेनवॉश किया गया फिर उन्हें पाकिस्तान के लिए काम करने पर मजबूर किया गया। पुलिस ने बताया कि इन किशोरों से भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों की तस्वीरें खिंचवाने, सुरक्षाबलों की आवाजाही की जानकारी लेने और आतंकी संगठनों के लिए लॉजिस्टिक्स के काम में मदद ली जाती है।

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बयान

SSP बोले- जासूसी नेटवर्क में ये नया मोर्चा

SSP ढिल्लों ने आगे बताया कि यह नेटवर्क जासूसी में एक नया मोर्चा है, जो नाबालिगों को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, "पुलिस अब ऐसे युवाओं की पहचान करने, उन तक पहुंचने और उन्हें शोषण से बचाने के लिए काम कर रही है। अगर लड़के को हिरासत में नहीं लिया जाता, तो वह और भी ज्यादा गंभीर गतिविधियों में शामिल हो सकता था।" उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की।

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