देश में LPG बुकिंग से जुड़ा बड़ा घोटाला: 10 दिन में 5000 नकली बुकिंग, 'घोस्ट डिलीवरी' से ग्राहक परेशान
भारत में एलपीजी की नकली बुकिंग में तेजी से इजाफा देखा जा रहा है। सिर्फ दस दिनों के अंदर 5,000 से ज्यादा झूठे अकाउंट्स खुल गए हैं। इन घोटालों की वजह से 'घोस्ट डिलीवरी' जैसी समस्या सामने आ रही है। इसका मतलब है कि सिलेंडर ग्राहकों तक कभी पहुंचता ही नहीं, लेकिन सिस्टम में उसे 'डिलीवर्ड' दिखाया जाता है।
इस वजह से रीफिल के लिए पहले से ही 25 दिन का लंबा इंतजार और भी बढ़ जाता है, जिससे ग्राहक बहुत परेशान हो रहे हैं। कई ग्राहकों को बिना गैस के ही रहना पड़ रहा है और उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं।
धोखेबाज नकली वेबसाइट और 'म्यूल अकाउंट्स' का इस्तेमाल करते हैं
धोखेबाज दिखने में असली जैसी वेबसाइटें और सोशल मीडिया पेज बना रहे हैं। वे वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर 'स्टॉक सीमित है, जल्दी बुक करें' जैसे अर्जेंट मैसेज भेजकर लोगों पर जल्दबाजी में पेमेंट करने का दबाव डालते हैं। वे अक्सर कस्टमर केयर का कर्मचारी बनकर फोन करते हैं और UPI या बैंक ट्रांसफर के जरिए पैसे मांगते हैं। यह पैसा कई 'म्यूल अकाउंट्स' के जरिए ट्रांसफर किया जाता है, जिससे अपराधियों का पता लगाना और ठगे गए पैसे वापस पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब मजबूत डिजिटल सुरक्षा के साथ-साथ इन घोटालों के प्रति लोगों में ज्यादा जागरूकता लाने की जरूरत है।