एक लाख स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक, ताजा रिपोर्ट ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल
एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। UDISE+ की 2025-26 की ताजा रिपोर्ट बताती है कि देशभर में 1 लाख से ज्यादा स्कूल सिर्फ एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। ये स्कूल मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में हैं। देश के कुल एक-शिक्षक वाले स्कूलों का करीब दो-तिहाई हिस्सा अकेले इन्हीं राज्यों में है।
शिक्षा मंत्रालय ने पारदर्शी भर्ती की अपील की
भले ही पूरे देश का छात्र-शिक्षक अनुपात कागजों पर ठीक दिखे, लेकिन कुछ राज्यों में शिक्षकों की भारी कमी है। मिसाल के तौर पर, केरल में 67 ऐसे स्कूल हैं जहां सिर्फ एक शिक्षक है, जबकि दिल्ली में यह संख्या केवल 7 है। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि शिक्षकों के रिटायर होने और छात्रों की संख्या में उतार-चढ़ाव इस समस्या की मुख्य वजहें हैं।
मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे शिक्षकों की भर्ती पारदर्शी तरीके से करें और भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाने के लिए तकनीक का उपयोग करें। इस स्थिति को बेहतर बनाने के लिए, 'समग्र शिक्षा' योजना के तहत आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।