
मध्य प्रदेश: दुष्कर्म के दोषी ने जमानत पर छूटकर पीड़िता से किया गैंगरेप, वीडियो भी बनाया
क्या है खबर?
मध्य प्रदेश के जबलपुर में गैंगरेप का हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
वहां दुष्कर्म के आरोप में दो साल के लिए जेल गए दोषी ने जमानत पर बाहर आते ही दोस्त के साथ मिलकर चाकू की नोंक पर फिर से उसी पीड़िता से गैंगरेप कर दिया।
इस दौरान दोषी के दोस्त ने घटना का वीडियो भी बना लिया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गैंगरेप का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
मामला
आरोपी ने दो साल पहले भी किया था पीड़िता से रेप
जबलपुर के पाटन थानाप्रभारी आसिफ इकबाल ने बताया कि गैंगरेप पीड़िता वर्तमान में 19 साल की है, दो साल पहले उसके नाबालिग होने के दौरान आरोपी विवेक पटेल ने उससे रेप किया था।
शिकायत पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई थी।
उन्होंने बताया कि विवेक को साल 2021 में जमनात पर रिहा कर दिया गया था। उसके बाद से वह पीड़िता से बदला लेना चाहता था।
घटना
आरोपी ने चाकू की नोंक पर किया गैंगरेप
थानाप्रभारी इकबाल ने बताया कि एक महीने पहले आरोपी विवेक अपने दोस्त रामू पटेल के साथ उसके घर आया था। उस दौरान घर पर किसी के नहीं होने पर विवेक ने चाकू की नोंक पर पीड़िता का रेप किया था।
उन्होंने बताया कि दोनों ने बारी-बारी से रेप कर युवती का वीडियो भी बनाया और जाते समय उसे पुराना केस वापस लेने की धमकी भी दी। उन्होंने कहा था कि केस वापस नहीं लेने पर वीडियो को वायरल कर देंगे।
कार्रवाई
आरोपियों की तलाश में जुटी है पुलिस
थानाप्रभारी इकबाल ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, आपराधिक साजिश और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें भी गठित की गई है। दोनों आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही है और वीडियो अपलोड नहीं किए जाने की पुष्टि कर रही है।
डाटा
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
बता दें कि मध्य प्रदेश में महिला अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में हर साल रेप के मामलों में इजाफा हो रहा है।
राज्य में साल 2019 में रेप के 4,653, साल 2020 में 4,552 और साल 2021 में 5,271 मामले दर्ज किए गए थे।
इनमें से 85 प्रतिशत मामले लिव-इन में रह रही युवतियों द्वारा उनके पार्टनरों के खिलाफ दर्ज कराए गए हैं।