दिल्ली में डेंगू का 'डेटा संकट': 208 मरीज लापता, मुश्किल हुआ नियंत्रण
दिल्ली में इस साल सामने आए डेंगू के कुल मामलों में से एक तिहाई से ज्यादा ऐसे हैं जिनका कोई अता-पता नहीं चल पा रहा। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके पते या तो गलत लिखे गए हैं या अधूरे हैं। कुल 570 मामलों में से अधिकारियों ने बताया कि 208 का पता नहीं लगाया जा सका।
इस वजह से बीमारी फैलने वाले इलाकों की पहचान करना या उनके लिए खास उपाय करना बहुत मुश्किल हो जाता है, जबकि 2021 से ही डेंगू के मामलों की जानकारी देना जरूरी कर दिया गया है।
दिल्ली के सिर्फ 272 मामलों की ही स्थानीय होने की पुष्टि
बाकी बचे मामलों में से 90 ऐसे थे जो दिल्ली के बाहर के थे। इस तरह दिल्ली के सिर्फ 272 मामलों की ही स्थानीय होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार ने एजेंसियों को मच्छर नियंत्रण और जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अधूरी जानकारी की वजह से काम में लगातार रुकावटें आ रही हैं।
इस बीच, उत्तरी दिल्ली के निवासियों का कहना है कि केवल फॉगिंग करना काफी नहीं है और उनके इलाकों में जलभराव की समस्या अभी भी बनी हुई है। ऐसे में असली हॉटस्पॉट का पता लगाना और उन पर काम करना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।