दोगुने हुए प्याज के दाम पर सरकार का वार, अब बफर स्टॉक से मिलेगी सब्सिडी वाली राहत
प्याज के दाम पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुने हो गए हैं, 25 सितंबर को प्रति किलो यह 54.38 रुपये तक पहुंच गया। आगामी त्योहारों के मद्देनजर, सरकार ने पहली बार छोटे शहरों और जिला स्तर के बाजारों में रियायती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
इस पहल का मकसद कीमतों को बेकाबू होने से रोकना और बाज़ार में स्थिरता बनाए रखना है। दरअसल, सोशल मीडिया के बढ़ते असर और रियल-टाइम जानकारी की आसान उपलब्धता से अब शहरी और ग्रामीण बाजारों के बीच का फर्क मिटता जा रहा है।
15,600 टन के बफर स्टॉक भेजे जा रहे
पूरे देश में बफर स्टॉक से करीब 15,600 टन प्याज भेजे जा रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर सड़क मार्ग से भेजे जा रहे हैं। 22 सितंबर तक 13,027 टन प्याज राज्य सरकारों को भेजा जा चुका था। यह कदम जमाखोरी पर लगाम लगाने और आपूर्ति संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए उठाया गया है।
दरअसल, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में प्याज के दाम 55 से 63 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके थे। भले ही प्याज महंगाई के आंकड़ों में एक छोटा सा हिस्सा लगता है, लेकिन इसके दाम में होने वाले उतार-चढ़ाव से आम लोगों के किचन का बजट बुरी तरह प्रभावित होता है। यही वजह है कि खाद्य महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।